आज मैं आपको आरोग्य सेतु से संबंधित सभी सवालों के जवाब देने वाला हूं।  इंटरनेट पर Aarogya Setu से संबंधित कई सारे सवाल पूछे जा रहे हैं उन सभी सवालों का जवाब आपको इस आर्टिकल में मिल जाएगा।  इसीलिए इस आर्टिकल को पूरा पढ़िए और ध्यान से पढ़िए ताकि आपको आरोग्य सेतु मोबाइल ऐप से संबंधित हर एक चीज समझ में आ जाए। 

भारत ने आरोग्य सेतु एप क्यों बनाया? 

जब भारत में कोरोनावायरस आया तो हमारे सामने सबसे बड़ी समस्या थी कि हम कैसे पता करें, कौन व्यक्ति किस-किस से मिला है? किसको कोरोनावायरस था? और जिसको कोरोनावायरस पाया गया है वह कहां कहां जा चुका है? तो यह सब पता करना बहुत ही मुश्किल था बिना टेक्नोलॉजी के सहायता के, इसीलिए भारत सरकार ने निश्चय किया कि ऐसा मोबाइल एप बनाएंगे जिसके माध्यम से हम लोगो के स्वास्थ्य के बारे में भी पता कर सकें। साथ ही साथ लोगो की लोकेशन को भी ट्रैक कर सकें। जिससे हमें यह जानने में सहायता होगी कि वह किसी ऐसे व्यक्ति से तो नहीं मिला जिसको कोरोनावायरस हो चुका था। यह पता चलने के बाद अगर वह किसी एक ऐसे व्यक्ति के संपर्क में आया होगा, जिसको कोरोनावायरस हो चुका था, तो हम उन सभी संपर्क में आए लोगों को अस्पताल में भर्ती कर सकते हैं या क्वॉरेंटाइन भी कर सकते हैं। 

एक और कारण था कि लोगों तक सही जानकारी पहुंचाना बहुत जरूरी था, सरकार ने एक वेबसाइट बनाई थी जिसके माध्यम से कोरोनावायरस के बारे में सही जानकारियां उपलब्ध कराई जा रही थी। लेकिन जैसा कि हमें पता है लोग वेबसाइट विजिट करने में उतने ज्यादा कंफर्टेबल नहीं रहते और लोगों को याद भी नहीं रहता की वेबसाइट का नाम क्या था। जिसकी वजह से कुछ लोग गलत वेबसाइट में या फिर गलत पेज में पहुंच जाते हैं जहां पर उनको संभव है कि कोरोना वायरस के बारे में गलत जानकारियां उपलब्ध कराई जा रही होगी। तो अगर जनता के फोन में मोबाइल ऐप होगा तो वह ज्यादा आसानी से कोरोना वायरस से संबंधित सही जानकारियां ले पाएंगे और क्योंकि यह एक मोबाइल Application है तो इसका इस्तेमाल करना भी ज्यादा आसान होगा। 

हमें पता है कि आरोग्य सेतु एक मोबाइल ऐप है तो इसमें हम कोरोनावायरस से संबंधित सभी प्रकार की सर्विस उपलब्ध करवा सकते हैं।  उदाहरण के रूप में हम इसमें कोविड-19 या कोरोनावायरस का लाइव ट्रैकर भी उपलब्ध करा सकते हैं और अगर Lockdown के दौरान किसी को बाहर जाना है तो इसके जरिए लोग इ-पास भी ले सकते हैं या फिर e-pass कैसे लेना है, इसकी जानकारी इस ऐप में लोगों को पता चल सकती है। इसके अलावा गवर्नमेंट का हेल्पलाइन नंबर और सपोर्ट System सीधे तौर पर corona virus से संबंधित होगा,जोकि  हम इस ऐप में उपलब्ध करा सकते हैं।

कोरोना वायरस के बारे में जागरूक करने वाली जानकारियां या फिर कुछ वीडियो भी हम इस ऐप के जरिए लोगों तक पहुंचा सकते हैं। तो ऐसी ही और भी बहुत सारी सर्विस है जो कि हम आरोग्य सेतु ऐप की मदद से लोगों तक पहुंचा सकते हैं जोकि लोगों को असल में जरूरत भी है। तो मुख्यतः यही कुछ कारण थे जिन कारणों से भारत सरकार ने इस आरोग्य सेतु नाम की मोबाइल एप्लीकेशन को आम जनता के लिए लांच किया।

क्या आरोग्य सेतु सिर्फ कोरोनावायरस को खत्म करने के लिए बनाया? 

अगर आपके भी दिमाग में यह सवाल है कि क्या कोरोनावायरस के अलावा भविष्य में आने वाली और किसी समस्या में यह आरोग्य सेतु ऐप हमारी मदद करेगी या नहीं?  तो सुनिए आरोग्य सेतु मोबाइल ऐप को बहुत सारी समस्याओं को ध्यान में रखते हुए बनाया गया है। यानी कि आरोग्य सेतु एप हमें सिर्फ कोरोनावायरस से नहीं, बल्कि भारत में आने वाली कई सारी बीमारियों से यह हमको बचाएगा।  इसीलिए इसको सिर्फ कोरोना वायरस के लिए नहीं बनाया गया है। 

मेरे कहने का मतलब है कि भविष्य में कोरोनावायरस जैसी और भी कई बीमारियां देश के सामने आ सकती हैं और उस दौरान भी हमें लोगों को ट्रैक करना पड़ेगा, लोगों की स्वास्थ्य की जानकारी लेनी पड़ेगी और लोगों को सही जानकारी भी पहुचानी होगी, तो जिसके लिए अलग से ऐप बनाना कोई समझदारी का काम नहीं होगा। यानी कि हमारे पास एक ऐप पहले से है जिसका नाम आरोग्य सेतु है वह हर एक महामारी से लड़ने में हमारी सहायता कर सकता है इसीलिए इसका नाम आरोग्य सेतु रखा है सिर्फ कोरोनावायरस के नाम पर नहीं है। 

तो आप समझ गए होगे कि आरोग्य सेतु मोबाइल ऐप को काफी सारी चीजों को ध्यान में रखते हुए बनाया गया है। यानी कि ना सिर्फ कोरोना वायरस के लिए बल्कि भविष्य में आने वाली और भी ऐसी कई महामारी से बचने के लिए हमने इस ऐप को तैयार किया है ताकि हमें दोबारा इस प्रकार की समस्याओं का सामना ना करना पड़े। 

इस मोबाइल ऐप का नाम आरोग्य सेतु क्यों रखा गया? 

इस सवाल का बहुत ही साधारण सा उत्तर है कि इस ऐप को बनाने का टारगेट सिर्फ कोरोना वायरस के संक्रमण को खत्म करना नहीं है बल्कि इसका टारगेट उन सभी बीमारियों को खत्म करना है जो कि देश के अंदर फैल रही हैं और देश के लोगों को स्वस्थ बनाना है। इसीलिए इसका नाम किसी एक शब्द या किसी एक बीमारी पर टारगेट नहीं किया गया है। 

जहां तक बात है इस नाम के मतलब की तो,”आरोग्य” का मतलब होता है स्वस्थ इंसान या वह व्यक्ति जिसमें किसी भी प्रकार का रोग ना हो और सेतु का मतलब होता है पुल या इंग्लिश में कहें तो ब्रिज। 

तो अगर दोनों शब्द को मिला दें तो इसका साधारण भाषा में मतलब निकलता है कि एक ऐसा पुल जिसमें सभी लोग स्वस्थ और निरोग हो। 

अगर इसको तकनीकी भाषा में समझें तो एक ऐसा ऐप जो कि एक ऐसा पुल बनाएगा जिसमें सभी लोग स्वस्थ और निरोग रहेंगे। 

क्या आरोग्य सेतु मोबाइल ऐप को इस्तेमाल करना जरूरी है?

इस सवाल का सीधा जवाब है हां बिल्कुल जरूरी है और भारत सरकार ने इस ऐप को मैंडेटरी घोषित कर दिया है। भारत के कई जिले जहां पर यह महामारी बहुत ज्यादा तेजी से फैल रही है वहां पर तो अगर आपके फोन में यह ऐप नहीं हुआ तो पुलिस आपके ऊपर जुर्माना भी लगा सकती है। इसके अलावा जो नए मोबाइल फोन भारत में लॉन्च हो रहे हैं उनमें यह पहले से ही इंस्टॉल आता है और कई सारी मोबाइल कंपनियां अपडेट के जरिए इस ऐप को अपने आप ही आपके सभी के फोन में इंस्टॉल कर रही हैं। तो इन सभी बातों से आपको समझ में आ जाना चाहिए कि यह बहुत ही ज्यादा जरूरी है हमारी देश की और हम सभी की सुरक्षा के लिए। 

आरोग्य सेतु मोबाइल ऐप कोरोना वायरस के संक्रमण को खत्म करने में हमारी मदद कैसे करेगा?

यह एप ब्लूटूथ और जीपीएस टेक्नोलॉजी पर काम करता है जिसके कारण आप जिस-जिस व्यक्ति के पास से गुजरते हैं और अगर उस व्यक्ति के फोन में भी आरोग्य सेतु एप इंस्टॉल है तो यह डाटा गवर्नमेंट के सर्वर में चला जाता है कि कौन सा व्यक्ति किस व्यक्ति के पास से गुजरा था। और फिर भविष्य में अगर किसी भी व्यक्ति को बीमारी होती है तो गवर्नमेंट अपने सर्वर में चेक करके यह पता लगा पाएगी कि इस व्यक्ति के पास से कौन सा व्यक्ति गुजरा है और यह व्यक्ति कहां कहां पर गया है। इसके बाद भारत सरकार लोगों द्वारा दी गई जानकारियों को उपयोग में लाकर उन जगहों को कीटाणु रहित बना पाएगी जिस जगह में कोई भी एक ऐसा व्यक्ति गया है जिसको संक्रमण था। इसके बाद जो भी व्यक्ति किसी संक्रमण वाले व्यक्ति के संपर्क में आए हैं उन व्यक्तियों को अस्पताल में भर्ती करवा दिया जाएगा। 

 तो आपको यह बात समझ में आ रही होगी कि भारत सरकार के पास जानकारी होने की वजह से भारत सरकार कितनी जल्दी एक्शन ले सकती है और इस बीमारी को फैलने से रोक सकती है। अगर भारत सरकार के पास जानकारी नहीं होगी तो इस बीमारी को रोकने में ज्यादा समय लगेगा और ज्यादा दिक्कतों का सामना भी करना पड़ेगा। इसीलिए इस एप के द्वारा भेजा गया डाटा जो कि गवर्नमेंट के सर्वर में जाता है वह हमारी इस संक्रामड खत्म करने में कहीं न कहीं मदद जरूर करता है। 

अगर आपको ज्यादा डिटेल में और विस्तार में जानना है कि यह ऐप कैसे काम करता है और कोरोनावायरस से हमें कैसे बचाएगा, तो आप नीचे दिया गया वीडियो देख सकते हैं या फिर हमारे द्वारा पहले से लिखा जा चुका एक आर्टिकल जिसमें कि मैंने विस्तार से बताया है इस ऐप के बारे तो आप उस आर्टिकल को या उस वीडियो को जरूर देखें जिससे कि आपको समझने में और भी ज्यादा आसानी होगी। 

ish application ko samjhne ke liye yah video jarur dekhna

क्या आरोग्य सेतु एप सुरक्षित है?

बहुत से लोग ऐसे भी हैं जो लोग पूछ रहे हैं कि क्या आरोग्य सेतु मोबाइल एप्लीकेशन पूरी तरीके से सुरक्षित हैं? इसके अलावा क्या हमारी प्राइवेट इंफॉर्मेशन सुरक्षित रहेगी? देखो भाइयों ऐसा है की इंटरनेट में पूरी तरीके से कोई भी चीज सुरक्षित नहीं है यहां तक कि गूगल और फेसबुक भी सुरक्षित नहीं है, तो ऐसे में तो क्या हम गूगल और फेसबुक का इस्तेमाल करना भी बंद कर दें। क्योंकि हमारी पर्सनल इंफॉर्मेशन तो गूगल और फेसबुक के पास सबसे ज्यादा है, मेरे कहने का मतलब है आज के समय में अगर इंटरनेट में किसी के पास सबसे ज्यादा डाटा है तो वह गूगल और फेसबुक है। गूगल और फेसबुक के पास हर उस व्यक्ति की जानकारी रहती है जो कि एक स्मार्टफोन इस्तेमाल करता है। 

गूगल और फेसबुक को आपके बारे में क्या क्या पता है इसके कुछ उदाहरण   –

  • आपके बैंक अकाउंट में कितने पैसे हैं। 
  • आप महीने में कितने पैसे खर्च करते हो। 
  • आप ऑनलाइन क्या-क्या खरीदते हो। 
  • आप ऑनलाइन किस से क्या बातें करते हो और कौन सी वेबसाइट का इस्तेमाल ज्यादा करते हो। 
  • आप किस प्रकार की बातें करना पसंद करते हैं। 
  • आपकी सोच क्या है और आप किस प्रकार की विचारधारा रखते हो। 
  • आप आने वाले समय में कौन-कौन सी चीजें खरीदने वाले हो। 
  • आप के फोन में कौन-कौन सी एप्लीकेशन इनस्टॉल है। 
  • अगर बच्चे फोन का इस्तेमाल करते हैं तो आपके बच्चों को क्या पसंद है। 
  • अगर आपके बच्चे के पास एक पर्सनल फोन है तो आपकी बच्चे की हर एक जानकारी गूगल और फेसबुक के पास अभी से है। 
  • आप टीवी में क्या देख ना पसंद करते हो। 
  • आप घर में क्या-क्या बातें करते हो ( क्योंकि आपका मोबाइल का माइक हमेशा ऑन रहता है )
  • आप क्या काम करते हो नौकरी या बिजनेस। अगर बिजनेस तो कौन सा बिजनेस और अगर नौकरी करते हो तो कौन सी नौकरी करते हो यह सब बातें भी उसको पता रहती हैं। 
  • आप जहां पर जॉब करते हो उस कंपनी का नाम क्या है और कब से वहां पर काम कर रहे हो। 
  • आपकी लाइव लोकेशन क्या है। 
  • आपको खाने में क्या पसंद है और आप ऑनलाइन क्या आर्डर करने वाले हो। 

मुझे पता है कि अब आपके दिमाग में बहुत सारे सवाल उठ रहे होंगे और डर भी लग रहा होगा कि यह कंपनियां कहीं हमारे डाटा का गलत इस्तेमाल तो नहीं करती हैं। और हमारे पर्सनल डाटा से इनको क्या फायदा होता है। टेंशन मत लीजिए जितनी भी अच्छी और बड़ी कंपनियां है जैसे कि गूगल, फेसबुक, ऐमेज़ॉन और एप्पल,,,,,,,  यह कंपनियां आपके पर्सनल इंफॉर्मेशन का इस्तेमाल गलत तरीकों से नहीं करती हैं। और जिन लोगों को लग रहा है कि क्योंकि इनके पास हमारी बैंक की इंफॉर्मेशन भी होती है तो क्या यह लोग हमारे बैंक से पैसे निकाल लेते हैं, तो इसका जवाब है नहीं यह बड़ी कंपनियां इस तरीके के काम नहीं करती हैं क्योंकि इनको आगे भविष्य में और भी काम करने हैं इसीलिए अगर यह लोग आपके मोबाइल डाटा का गलत इस्तेमाल करेंगे, तो उन लोगों का इन कंपनियों से भरोसा उठ जाएगा और अलग-अलग देशों की सरकारें इन पर प्रतिबंध भी लगा देंगे। इसीलिए यह लोग इसका इस्तेमाल सिर्फ AI-Based एडवर्टाइजमेंट के लिए करते हैं। यानी कि जब भी आपके सामने कोई ऐड आता है तो वह ऐसे ही नहीं आता, उसके पीछे काफी सारी रिसर्च होती है यानी कि जो भी आपको पसंद है उसी प्रकार के ऐड आपको दिखाए जाते हैं, यह बात तो आप जानते ही होगे। इसका एक उदाहरण में आपको देता हूं कि जब भी आप कोई  प्रोडक्ट ऐमेज़ॉन पर देखते हैं तो थोड़ी देर बाद उसी प्रोडक्ट के ऐड आपके सामने आने लगते हैं। जैसे कि फेसबुक पर या यूट्यूब वीडियो में ऐसी अलग-अलग जगह पर आपके सामने आपके ही पसंद के ऐड दिखाए जाते हैं। 

इस चीज को करने का मुख्य कारण है कि अगर कंपनियां आपको आपके पसंद का ऐड दिखाएंगे, तो उम्मीद है की आप उस ads देखोगी भी और दिखाए गए ऐड के माध्यम से कोई एक्शन भी लोगे। उदाहरण के तौर पर अगर आपको एक ऐसा प्रोडक्ट का ऐड दिखाया जा रहा है जो कि आपको पसंद है, तो बहुत ज्यादा चांस है कि आप उसको खरीद लोगे, लेकिन अगर आपके सामने एक ऐसा ऐड आता है जो कि आपको पसंद नहीं है तो  आप उस ऐड को skip या हटा दोगे – हेना। इसीलिए कंपनियां आपके फोन से आपके बारे में डिटेल निकालती रहती हैं और अपने सरवर में स्टोर करती हैं ताकि आने वाले समय में आपका मोबाइल एक्सपीरियंस अच्छा बनाया जा सके। 

इसके अलावा आपकी फोन से ली गई जानकारी का इस्तेमाल किसी भी सॉफ्टवेयर यह एप्लीकेशन को बेहतर बनाने के लिए भी किया जाता है। और आने वाले समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को और भी एडवांस  बनाने के लिए भी लोगों का डाटा इस्तेमाल में लाया जाता है।

लेकिन ध्यान दीजिए कि जो भी डाटा उनके सरवर में स्टोर होता है उसका सारा कंट्रोल उनकी हाथ में होता है। वह चाहे तो उसका अच्छा इस्तेमाल करें या फिर गलत, यह चीज पूरी तरीके से उन कंपनियों के हाथ में होती है। यानी कि हो सकता है चोरी-छुपे वह आपका डाटा किसी दूसरी कंपनी को बेच दे जो कि इसका गलत इस्तेमाल करेगी – यह एक संभावना है। 

तो इसी प्रकार जो आरोग्य सेतु मोबाइल ऐप है वह भी आपके फोन से आपके स्वास्थ्य के बारे में और आपकी लोकेशन की जानकारी गवर्नमेंट के सरवर में भेजता है। जिसका कारण सिर्फ यह है कि वह आने वाले समय में भारत के लोगों के स्वास्थ्य के बारे में और भी अच्छे से रिसर्च कर पाए। अब अगर आप विदेशी कंपनी पर विश्वास कर सकते हो तो हमारे देश की सरकार पर तो विश्वास करना ही होगा। मेरे कहने का मतलब है कि गूगल जो कि अमेरिका की कंपनी है और वह लगभग सभी प्रकार की जानकारियां अपने सरवन स्टोर कर लेती है। और एक तरफ हमारी गवर्नमेंट है जो कि आपसे सिर्फ आपके स्वास्थ्य के बारे में और आप कहां कहां जा रहे हो उसकी डिटेल मांग रही है। इसलिए हमें अपने भारत सरकार पर विश्वाश रखना होगा, कि वह आने वाले समय में जो भी कदम उठाएंगे, वह हमारे हित में ही होगा और हम से जो जानकारी ले रहे हैं वह सुरक्षित रहेगी और उसका सही इस्तेमाल होगा। 

लेकिन क्या आपको मालूम है आप इन सभी कंपनियों को या मोबाइल एप्लीकेशन को आपके फोन से डाटा निकालने के लिए परमिशन आप खुद ही देते हो। जी हां जब भी आप किसी एप्लीकेशन को इंस्टॉल करते हैं या फिर किसी वेबसाइट में विजिट करते हैं तो वहां पर टर्म्स एंड कंडीशन एक्सेप्ट करने को बोला जाता है और जब आप उन टर्म्स एंड कंडीशन को एक्सेप्ट कर लेते हो, तो कम्पनीज कानूनी रूप से आपका डाटा इस्तेमाल करने के लिए पूरी तरीके से स्वतंत्र होती हैं।

इसकी सुरक्षा पर उठ रहे सवाल को लेकर भारत सरकार के तकनीकी विभाग ने कहा है कि वह आरोग्य सेतु की सुरक्षा को लेकर जितना एक्शन लिया जा सकता है वह ले रहे हैं। यह बात भारत सरकार ने भी कही है कि  वह आरोग्य सेतु मोबाइल ऐप के डाटा का इस्तेमाल सिर्फ और सिर्फ स्वास्थ्य से संबंधित योजनाओं में करेंगे।  यानी कि अभी कोरोनावायरस को लेकर और आने वाले समय में ऐसी महामारी को लेकर भारत सरकार आरोग्य सेतु द्वारा दिए गए डाटा का इस्तेमाल लोगों के भले के लिए ही करेगी। 

इसीलिए हम सभी को विश्वास रखना होगा कि आरोग्य सेतु एप सुरक्षित है और हमारे द्वारा दिया गया डाटा भी उस में सुरक्षित है।  अगर आपको भारत सरकार द्वारा बनाए गए मोबाइल एप पर विश्वास नहीं है तो आपको विदेश की कंपनियों द्वारा बनाए गए मोबाइल ऐप पर भी विश्वास नहीं होना चाहिए। 

तो उम्मीद है आरोग्य सेतु मोबाइल एप की सुरक्षा को लेकर आपके मन में उठ रहे सवालों का जवाब मिल गया होगा। 

क्या आरोग्य सेतु एप को अपने फोन में हमेशा इनस्टॉल रखना जरूरी है?

आरोग्य सेतु मोबाइल ऐप को भारत के हर नागरिक को हमेशा अपने फोन में रखना चाहिए। क्योंकि यह मोबाइल ऐप तभी अच्छी तरीके से काम कर पाएगा, जब यह ज्यादातर लोगों के फोन में इंस्टॉल होगा। और अगर यह आपके फोन में इंस्टॉल नहीं है तो आप अपने साथ-साथ दूसरों की भी जिंदगी खतरे में डाल रहे हैं।  इसीलिए इस ऐप को हमेशा अपने फोन में इंस्टॉल करके रखें। इसके साथ-साथ खबरें आ रही है कि आने वाले समय में मोबाइल कंपनियां जब भी भारत में कोई फोन लांच करेंगी तो फोन में पहले से ही आरोग्य सेतु ऐप इनस्टॉल आएगा। 

क्या ब्लूटूथ और जीपीएस हमेशा चालू रखना जरूरी है?

जैसा कि मैं अपनी पहले की वीडियो में बता चुका हूं कि यह एप ब्लूटूथ और जीपीएस टेक्नोलॉजी पर आधारित है यानी कि अगर आप चाहते हैं कि आप और आपके आसपास के लोग सुरक्षित रहें तो आप हमेशा अपने फोन का ब्लूटूथ और जीपीएस यानी कि लोकेशन चालू रखें, इसके साथ-साथ फोन का इंटरनेट भी हमेशा चालू रखें। अगर यह चीजें आपके फोन में हमेशा चालू रहेंगे तभी इस ऐप को इंस्टॉल करने का कोई मतलब है वरना इस को इंस्टॉल करने का कोई भी मतलब नहीं है।

आरोग्य सेतु मोबाइल ऐप को कैसे इस्तेमाल किया जाता है?

अगर आप इतना लंबा आर्टिकल पढ़ चुके हैं और अभी तक आपको इस ऐप को इस्तेमाल करना नहीं आता तो सबसे पहले दी गई ↑ वीडियो देखें। ↑↑↑

Aarogya App Download link – https://play.google.com/store/apps/details?id=nic.goi.aarogyasetu

एक बहुत ही जरूरी बात मैं आप सभी से कहना चाहता हूं की Aarogya Setu मोबाइल ऐप से संबंधित सभी सवालों के उत्तर आपने तो जान दिए लेकिन हो सकता है कि और भी ऐसे बहुत लोग हैं जिनके दिमाग में आरोग्य सेतु से संबंधित कई सारे सवाल हो और उन लोगों को हो सकता उत्तर ना मिल रहा हो, तो आपका फर्ज है कि आप इस आर्टिकल को ज्यादा से ज्यादा शेयर करें ताकि सभी लोगों तक यह जानकारी पहुंच सके और लोग के दिमाग में उठ रहे सवालों के जवाब लोगों को मिल सके। 

उम्मीद करता हूं कि आरोग्य सेतु मोबाइल ऐप से संबंधित सभी सवालों के जवाब आपको इस आर्टिकल में मिल गए होंगे, लेकिन अगर आपका कोई भी सवाल रह गया है तो कमेंट करके जरूर बताएं, मैं जल्दी और सवाल को भी इस आर्टिकल में ऐड कर दूंगा। इसके अलावा दिए गए सवालों के जवाबों को लेकर के कोई कंफ्यूजन है तो नीचे कमेंट करके जरूर बताएं जिससे कि मैं आपके सवाल का और भी अच्छे से उत्तर दे सकूं। 

अपना कीमती समय निकालकर इस आर्टिकल को पढ़ने के लिए मैं आपका दिल से धन्यवाद करता हूं। 

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