Smartphone इस्तेमाल करने से पहले यह 10 बातें जान लो, वरना पछताओगे।

Smartphone इस्तेमाल करने से पहले यह 10 बातें जान लो, वरना पछताओगे।

आज के समय में इंडिया में लगभग 37 करोड लोग स्मार्ट फोन यूज़ करते हैं, लेकिन ज्यादातर लोग या 99% लोग, स्मार्ट फोन यूज़ करते समय बहुत सारी गलतियां जाने-अनजाने करते रहते हैं और यही छोटी-छोटी गलतियां, आगे चल के बहुत बड़ी समस्याएं खड़ी कर सकती है। इनमें से बहुत सी गलतियां कुछ साल पहले मै भी करता था जिसकी वजह से मुझे बहुत सी समस्याएं भी हुई थी, इसलिए मैं नहीं चाहता कि आपको भी यह समस्याएं हो, इसलिए इस पूरे आर्टिकल को या वीडियो को जरूर देखें, वरना भविष्य में आपके पास पछताने के अलावा और कोई रास्ता नहीं होगा। इन गलतियों से आपको कितना बड़ा नुकसान हो सकता है शायद आपको इसका अंदाजा भी नहीं, इसलिए इस पूरे आर्टिकल को ध्यान से पढ़िए, ताकि आप इन गलतियों से बच सकें और इंटरनेट की इस दुनिया में सुरक्षित रह सके। ( Smartphone इस्तेमाल करने से पहले यह 10 बातें जान लो, वरना पछताओगे। )

एप्लीकेशन डाउनलोड और यूज करने से पहले इन बातों का ध्यान रखें।

आज-कल हर स्मार्टफोन यूजर अपने फ़ोन में कई सारी APPs हो इनस्टॉल करके रखता है, लेकिन क्या आपको पता है की यह APPs आपके और आपके फ़ोन के लिए कितनी खतरनाक है। नहीं ना! आइये में बताता हु।

a) किसी भी APP को कोई भी परमिशन देने से पहले, यह जरूर चेक करे।

अगर किसी App के पास आपके कैमरे का परमिशन है, तो वह App किसी भी समय आपके कैमरे को एक्सेस कर सकती है और आपको पता भी नहीं चलेगा, हो सकता है कि आप कुछ प्राइवेट काम कर रहे हो और वो App के डेवलपर आपके कैमरे को ऑपरेट करके, आप क्या कर रहे हैं वो सब कुछ देख रहे हो।

इसके अलावा अगर किसी एप के पास आपके लोकेशन का परमिशन है तो वह आपकी सारी लोकेशन को ट्रैक कर सकती है, देख सकती है कि आप कब और कहां जाते हैं, आप पर पूरी निगरानी रखी जा सकती है और आपको पता भी नहीं चलेगा।  इसके अलावा अगर किसी APP के पास आपके माइक्रोफोन का परमिशन है यानी कि माइक का परमिशन है तो वह APP आपकी सारी बातें सुन सकती है, हो सकता है आप कभी अपने प्राइवेट बातें कर रहे हो या किसी के साथ बैठकर बैंक की डिटेल्स शेयर कर रहे हो और आपको पता भी ना चले कि कोई आपकी यह सभी बातें सुन रहा है या साथ – साथ देख भी रहा है। अगर आपको यह बातें पता नहीं थी, तो जानकर अजीब लग रहा होगा या फिर डर लग रहा होगा की पता नहीं,अब तक मेरी कौन-कौन सी जानकारी लीक हो चुकी है, लेकिन मैं आपसे कहना चाहूंगा, कि अभी तक पता नहीं था तो कोई बात नहीं लेकिन, अब से जानने के बाद भी अनजान मत बनिएगा, वरना इसका परिणाम बहुत बुरा भी हो सकता है। अभी तक नहीं पता था तो कोई बात नहीं, लेकिन अब से सावधान हो जाइए और आगे बताई जाने वाली बातें ध्यान से पढ़िए या सुनिए।

यदि आप कोई एप्प इनस्टॉल करते हैं, तो एप्लीकेशन आपसे कई प्रकार की परमिशन मांगती है और बहुत से लोग बिना कुछ सोचे समझे उन सभी परमीशंस को Allow कर देते हैं।

जब आप सिर्फ करते चले जाते है बिना पढ़े
जब आप सिर्फ Allow करते चले जाते है बिना पढ़े

उदाहरण के लिए अगर आप एक केलकुलेटर को डाउनलोड करते हैं और वह App आपसे आपके कैमरा का या आपके माइक्रोफोन का या आप की लोकेशन की परमिशन मांगती है, तो उसका कोई मतलब नहीं बनता, यह आप अच्छी तरीके से जानते ही होगे। क्योंकि है आप को भी पता होगा की कैलकुलेटर को काम करने के लिए कैमरा, माइक्रोफोन और लोकेशन से क्या मतलब, लेकिन फिर भी ज्यादातर लोग जाने-अनजाने में इस चीज को Ignore कर देते हैं और सारी परमीशंस को एलाऊ कर देते हैं, जो कि आपको बिल्कुल भी नहीं करना चाहिए। यह गलती आज के समय में पढ़े-लिखे लोग भी जाने-अनजाने में करते रहते हैं सिर्फ कुछ मिनट के आलस की वजह से।

अब से आप जब भी कोई एप्लीकेशन डाउनलोड करे, तो सारी चीजों को ध्यान से पढ़ें की एप आपसे किस – किस चीज की परमिशन को एलाऊ करने के लिए बोल रहा है या फिर कौन-कौन से इंफॉर्मेशन मांग रहा है और एक पल के लिए जरूर सोचें कि क्या इस App को इस परमिशन की जरूरत है या फिर इस जानकारी की जरूरत सच में है, अगर है तो उस App को परमिशन दे दीजिए वरना बिल्कुल भी अलाव मत करिए।

अगर आप चेक करना चाहते हैं कि आपके फोन में जितनी भी एप्लीकेशन इंस्टॉल है उनके पास आपके फोन की कौन-कौन सी परमिशन है, तो आप फोन की सेटिंग में जाकर यह चेक कर सकते हैं कि कौन सी App कौन-कौन सी परमीशंस ली हुई है या फिर आपने किस एप को कौन-कौन सी परमिशन दी हुई है। सेटिंग में जाकर परमीशंस को चेक करने के बाद, अगर आपको लगता है कि इस App को इस परमिशन की जरूरत नहीं है तो आप उस App से उस परमिशन को हटा सकते हैं या Deny कर सकते हैं।

b) Play Store से App डाउनलोड करने से पहले यह जरूर ध्यान रखे।

आज के समय में हम सभी प्ले स्टोर का यूज़ करते है Apps को डाउनलोड और अपडेट करने के लिए, लेकिन इस समय playstore पे लाखो Apps है, उनमे से बहुत सारी Apps Safe और ट्रस्टेड नहीं है यानी की उनको कभी भी डाउनलोड नहीं करना चाहिए। अब आपका सवाल होगा की हम कैसे चेक करे की कौन सी एप्लीकेशन सुरक्षित और ट्रस्टेड है या नहीं?

Google PlayStore Logo
Google PlayStore

वैसे तो बहुत सारे तरीके हैं किसी भी App को चेक करने के लिए की वह ट्रस्टेड और safe है यूज करने के लिए कि नहीं। पहला तरीका है कि आप उस एप्प कों कितने लोगों ने डाउनलोड किया है यह चेक करिए, अगर उसको बहुत ज्यादा लोगों ने डाउनलोड किया है और उसकी रेटिंग और रिव्यू भी अच्छे हैं तो आप काफी हद तक यह मान सकते हैं कि यह एप सही है प्ले स्टोर से डाउनलोड करने के लिए।  ऐसी कोई भी App जिस App के बारे में आप नहीं जानते तो उस App को डाउनलोड करने से पहले एक बार उसके रिव्यू और रेटिंग जरूर चेक कर लीजिए, जिससे यह पता चल जाएगा, जो लोग इसको यूज़ कर चुके हैं उनका इसको यूज़ करने के बाद क्या एक्सपीरियंस रहा, अगर कुछ कमी होगी तो वह आपको वही रिव्यूज में ही मिल जाएगी।

इसके बाद अगर आपको फिर भी डाउट है, कि यह App डाउनलोड करें या नहीं, तो आप उस App के डेवलपर के बारे में पता कर सकते हैं, कि उस App को किसने बनाया है। अगर App को अच्छे डेवलपर्स ने बनाया होगा जैसे कि गूगल। अगर उसको गूगल के डेवलपर ने बनाया है, तो डेफिनेटली उसमें कोई शक की बात नहीं है यह अच्छी और सेफ App होगी यूज करने के लिए।

उम्मीद करता हूं अब समझ में आ गया होगा कि आपको प्ले स्टोर से App को डाउनलोड करने से पहले किन बातों का ध्यान रखना है, क्योंकि अगर आप कोई गलत App डाउनलोड कर लेते हैं जो कि Safe नहीं है या ट्रस्टेड नहीं है, तो उससे आपको बहुत ज्यादा नुकसान हो सकता है। आपका सारा डाटा लीक हो सकता है और भी बहुत सारी चीजें हो सकती हैं, इसलिए किसी भी App को डाउनलोड करने से पहले उस App के बारे में जानना बहुत जरूरी है उम्मीद है आपको प्ले स्टोर से App डाउनलोड करने से पहले कौन सी बातें ध्यान रखनी है उनके बारे में समझ में आ गया होगा। अगर फिर भी डाउट है, तो कमेंट में जरूर बताइए।

c) Crack version या Modified version किसी एप्लीकेशन का इस्तेमाल करना बहुत बड़ी गलती होगी।

आज के समय में हम कई प्रकार की एप्स को यूज करते हैं, लेकिन कई बार ज्यादा फीचर्स पाने के चक्कर में कुछ लोग उन एप्स का क्रैक वर्जन या मॉडिफाइड वर्जन डाउनलोड कर लेते हैं, जो लोग इस प्रकार की App डाउनलोड करते हैं उनको यह भी नहीं पता, कि यह कितनी बड़ी गलती है इसका उनको अंदाजा भी नहीं होता। किसी भी App का क्रैक वर्जन या मॉडिफाइड वर्जन डाउनलोड करने के मैनली दो कारण होते हैं। पहला कारण है कि लोगों को ज्यादा फीचर्स चाहिए होते हैं या उस App को और भी कूल बनाना होता है, और दूसरा कारण है कि पैड (Paid) एप को फ्री में डाउनलोड करना, यानी कि जो एप फ्री नहीं होती, उन एप को मॉडिफाई या क्रैक करके डाउनलोड करना। आज के समय में इंटरनेट पर लगभग हर एप का क्रैक वर्जन उपलब्ध, जिसमें कि आपको ओरिजिनल एप्स से ज्यादा फीचर्स मिलते हैं,

Original WhatsApp vs Fake WhatsApp
Original WhatsApp vs Fake WhatsApp

उदाहरण के तौर पर WhatsApp को ले लेते हैं,  इंटरनेट में व्हाट्सएप के कई सारी मॉडिफाइड एप आते हैं जैसे कि GB व्हाट्सएप और भी कई सारे Apps जिसमे कि व्हाट्सएप से ज्यादा फीचर्स होते हैं, इन फेक App को डाउनलोड करने का कारण यह है कि लोगों को यहां पर वह सब चीजें मिल जाती है, जो कि वह ओरिजिनल व्हाट्सएप में नहीं कर सकते, जैसे कि आप इन व्हाट्सएप वाली App में एक साथ कई लोगों को मैसेज फॉरवर्ड कर सकते हैं जबकि ओरिजिनल व्हाट्सएप में ऐसा नहीं होता, वहा पर सिर्फ 5 लोगो को होता है एक बार में send, आप इसमें व्हाट्सएप की थीम चेंज कर सकते, आइकंस को चेंज कर सकते हैं और भी बहुत सारे चीजें जो कि इन मॉडिफाइड एप्स में मिल जाती है, जो कि लोगों को ओरिजिनल एप में नहीं मिल पाती है वहां पर लिमिट होती है और यहां पर लिमिट ना होने कारण लोग इन App को इस्तेमाल करना ज्यादा पसंद करते हैं।

लेकिन लोग इन App को इस्तेमाल करने से होने वाले नुकसान के बारे में नहीं जानते। अब क्योंकि App मॉडिफाइड है, तो यह बात तो साफ है कि यह App व्हाट्सएप की टीम ने या व्हाट्सएप की डेवलपर ने नहीं बनाई, इसको किसी थर्ड पार्टी डेवलपर या हैकर ने मॉडिफाइड किया है। अब आप समझ ही सकते हैं जब इसको किसी और ने मॉडिफाइड किया है तो हो सकता है, उसने इस App में कुछ ऐसी कमियां या कुछ ऐसा Bug छोड़ दिया हो, जिससे कि आपके फोन की सारी डिटेल उसके पास जाती रहे। आप इसको व्हाट्सएप समझ कर सारी परमिशन भी दे देते हैं और इसके पास परमिशन होती है इसलिए यह आपके फोन से सारा डाटा Leak कर सकता है या चुरा सकता है।

एक बार फिर से बता देता हूं, कि जो भी मॉडिफाइड एप होते हैं वह किसी दूसरे डेवलपर के द्वारा मॉडिफाइड किए जाते हैं, जिसकी वजह से उस App में कई सारी कमियां या Bugs होने के Chances रहते हैं, जिसकी वजह से आपको कई सारी दिक्कतें भी आ सकती हैं और आपका सारा डाटा उस थर्ड पार्टी डेवलपर के पास भी पहुंच सकता है और App के पास सारी परमिशन होती है क्योंकि आप उस App को ओरिजिनल एप समझकर परमिशन दे देते हो, जिससे कि वह डेवलपर आप के ऊपर नजर भी रख सकता है, आपके कैमरे को एक्सेस कर सकता है, आपके माइक्रोफोन को भी एक्सेस कर सकता है और आप की लोकेशन को भी ट्रैक कर सकता है और भी बहुत कुछ कर सकता है। अब आप समझ रहे होंगे कि यह मॉडिफाइड App आपके लिए कितना ज्यादा खतरनाक है।

कुछ लोग क्रैक वर्जन को इसलिए यूज़ करते हैं क्योंकि यह फ्री होती है और उसका ओरिजिनल वर्जन हो सकता है Paid हो यानी कि आपको पता ही होगा कुछ एप्स को यूज करने के लिए पैसे देने पड़ते हैं और लोग उस App को यूज करना चाहते हैं इसलिए उसका क्रैक वर्जन डाउनलोड कर लेते हैं इंटरनेट से, लेकिन लोग यह नहीं जानते कि कुछ रुपए बचा कर वह अपना सब कुछ गवाने वाले हैं, इसलिए मैं आपसे निवेदन करूंगा कि आप ऐसी किसी भी App को इस्तेमाल ना करें, जो कि आपके लिए बहुत ही ज्यादा हानिकारक हो सकती है।

उम्मीद करता हूं आप को क्रैक वर्जन या मॉडिफाइड वर्जन के बारे में कुछ जरूरी जानकारियां मिल गई होंगी।

Internet Fraud से सावधान कैसे रहे?

आज के समय में इंटरनेट का इस्तेमाल लोगों को लूटने या बेवकूफ बनाने के लिए भी किया जाता है, जोकि कहीं ना कहीं हमारी गलती की वजह से ही होता है और इसके बारे में आप न्यूज़ में सुनते ही रहते होंगे, कि किसी के बैंक से पैसे निकल गए या फिर किसी का एटीएम नंबर लीक हो गया या फिर किसी ने अपना ओटीपी (OTP) शेयर कर दिया या ऑनलाइन  शॉपिंग साइट पर आपको बेवकूफ बना दिया गया या उसकी जानकारी चुरा ली गई। इसके अलावा ऑनलाइन पुराना सामान बेचने वाली एप या साइट OLX पर किसी को लूट ले गया ऐसे ही बहुत सारी घटनाएं, जो कि आप न्यूज़ पर सुनते ही होंगे और जो कि हमारी छोटी-छोटी गलतियों की वजह से ही होती है, उन से कैसे बचें या कैसे सावधान रहें ताकि आपके साथ भी इंटरनेट पर कोई धोखाधड़ी या फ्रॉड ना हो सके।

hacker taking the information of your credit card
hacker taking the information of your credit card

a) किसी को भी अपना OTP share ना करें।

जैसा कि आप सभी जानते ही होंगे की आज की टाइम पर बिना ओटीपी (OTP) के कोई भी पैसा ऑनलाइन ट्रांसफर नहीं होता, लगभग सभी केस में पैसे को ऑनलाइन ट्रांसफर करने के लिए आपको ओटीपी की जरूरत होती ही है (सिर्फ UPI को छोड़ कर), तो ओटीपी यानी कि “वन टाइम पासवर्ड” को किसी को भी शेयर ना करें, फिर चाहे वह आपके बैंक वाले क्यों ना हो, क्योंकि खुद आरबीआई ने यह कहा है कि OTP सिर्फ आपके लिए होता है।  यानी कि अगर कोई कॉल आता है और वह यह बोलता है कि वह बैंक से बोल रहा है, तो भी आप उसको ओटीपी बिल्कुल भी शेयर मत करना। हो सकता है कि जो ओटीपी आपके फोन में आया है वह आपके ईमेल अकाउंट के लिए हो य आपके सोशल मीडिया अकाउंट के लिए हो, तो अब आप समझ गए होंगे कि ओटीपी कितना महत्वपूर्ण होता है क्योंकि अगर किसी को आपके एटीएम की डिटेल मिल भी गई, तो भी वह आपके अकाउंट से पैसे को तब तक ट्रांसफर नहीं कर पाएगा, जब तक की आप उसको आप ओटीपी नहीं बता देते, जो कि सिर्फ उसी नंबर में आएगा, जो कि आपने बैंक से लिंक करा कर रखा होगा। इसीलिए ध्यान रखेगा ओटीपी किसी को शेयर मत करिएगा, वरना इसका नतीजा बहुत ही बुरा हो सकता है।

b) आपका मोबाइल नंबर लकी है और आपने 50 लाख रुपए जीते हैं। क्या यह सच है?

बहुत-बहुत बधाई हो, आपका मोबाइल नंबर लकी ड्रॉ में निकला है या KBC में सिलेक्ट हुआ है इसके लिए आपको 5000000 रुपए दिए जा रहे हैं।  ऐसी चीजें आपने भी जरूर सुनी होंगी, कि आपने कार जीती है या आपने एलसीडी टीवी जीती है और भी बहुत सारी चीजें जो कि आपने जरूर सुनी होंगी या आपके पास भी ऐसे कोई ना कोई कॉल जरूर आए होंगे या फिर आपने न्यूज़ में तो जरूर सुना होगा ऐसी चीजों से सावधान रहने को, लेकिन यह आप भी जानते हैं और मैं भी जानता हूं कि यह सब फेक है, क्योंकि कोई भी फ्री में आपको ₹5000000 क्यों देगा? जरा आप सोच कर देखिए।  सिंपल Answer कोई इतने पैसे किसी को नहीं देगा, बिना किसी के मतलब के, तो सवाल उठता है कि आखिर लोग ऐसा क्यों करते हैं? देखिए जब आपको यह कॉल करते हैं तो यह बोलते हैं कि यह पैसा आपके बैंक तक भेजने के लिए हमें कुछ प्रोसेस फॉलो करना पड़ता है उसको करने के लिए कुछ फीस लगती है 10000 या ₹15000, जब आप इतने पैसे हमारे बैंक अकाउंट में डाल देंगे तो यह ₹5000000 आपके बैंक अकाउंट में आ जाएंगे।  ऐसा बहाना यह लोग बनाते हैं,लेकिन अगर आप पैसा डाल भी देते हैं इनके अकाउंट में, फिर भी आपके 5000000 रुपए नहीं आएंगे, शायद यह बात आप जानते ही होंगे।  इसीलिए ऐसी कॉल से या ऐसे SMS में से सावधान रहिए, क्योंकि ऐसा कुछ भी नहीं होता। यह बस आप को लूटने के लिए किया जाता है, उम्मीद है आप समझ गए होंगे।

c)  मैं आपके बैंक से बोल रहा हूं, आपका ATM card Expire होने वाला है।

आज के समय में लगभग सभी के पास एटीएम कार्ड (ATM Card) होते हैं, यह बात तो सभी जानते हैं और इसी का फायदा उठाते हुए कुछ लोग आपको कॉल करते हैं और बोलते हैं कि “आपका एटीएम कार्ड एक्सपायर होने वाला है यानी कि आपके एटीएम कार्ड की वैधता समाप्त होने वाली है और अगर आप अभी रेनू कराना चाहते हैं या नए एटीएम कार्ड के लिए अप्लाई करना चाहते हैं, तो यह प्रोसेस फॉलो करें या फिर हमको ओटीपी बताएं अपने एटीएम कार्ड की”. ऐसा ही कुछ यह कॉल करने वाले लोग बोलते हैं और बहुत से लोग इनके झांसे में भी आ जाते हैं और अपने कार्ड नंबर को और अपने ओटीपी को इन को बता देते हैं, जिससे उनके कार्ड की वैधता तो नहीं बढ़ती, लेकिन उनका बैंक में रखा पैसा जरूर खाली हो जाता है और ऐसी कई सारी घटनाएं या केस हुए हैं जिनके बारे में आपने भी न्यूज़ में या अखबार में जरूर पढ़ा होगा, तो आप आज से सावधान हो जाइए क्योंकि कोई भी बैंक ( आरबीआई के नियम के अनुसार )  आपको कॉल करके कभी भी आप का ओटीपी नहीं पूछता, इसके अलावा कोई भी बैंक फोन के माध्यम से आपके एटीएम कार्ड की वैधता या नया एटीएम कार्ड के लिए अप्लाई नहीं कर सकता और ना ही कोई भी बैंक ऐसा करता है। बैंक हमेशा आपको बैंक की शाखा यानी की बैंक की ब्रांच में बुलाएंगे और वहां जाकर ही आपको नए एटीएम के लिए अप्लाई करना होता है या कोई भी ऐसी समस्या होती है तो आपको बैंक ही बुलाया जाता है। तो मैं आपसे कहना चाहूंगा कि ऐसे लोगों से सावधान रहिए और ऐसी कोई भी कॉल आए, तो उसको इग्नोर कर दीजिए और अगर आप कर सके तो पुलिस कंप्लेंट भी कर दीजिए।

teaching about your safety
teaching about your safety

अगर आप को बैंक से जुड़ी कोई भी समस्या होती है या कोई डाउट होता है या मन में कोई सवाल होता है या किसी पर कोई शंका होती है कि यह जानकारी सही है या नहीं, तो इसका सबसे सही तरीका बैंक जा कर या उनके कस्टमर केयर को कॉल करके पूछ सकते हैं।  अगर कस्टमर केयर के पास उस सवाल का या उस समस्या का समाधान नहीं है तो आप बैंक की शाखा यानी की ब्रांच में जा सकते हैं और वह लोग आपकी पूरी मदद करेंगे। या फिर आप बैंक की वेबसाइट या मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से भी उस समस्या का समाधान ले सकते हैं  या फिर आपके बैंक के ऑफिशियल या वेरीफाइड सोशल मीडिया अकाउंट पर उनसे कांटेक्ट कर सकते हैं। बैंक की वेबसाइट और बैंक का कस्टमर केयर नंबर आपको आपके पास बुक पर मिल जाएगा या आप गूगल पर भी सर्च कर सकते हैं। यही बेस्ट और सुरक्षित तरीके हैं बैंक से जुड़ी कोई भी समस्या का समाधान लेने के लिए।

d) OLX  जैसी वेबसाइट से हो जाएं सावधान।

OLX  के बारे में तो आप जानते ही होंगे, यह एक ऐसी वेबसाइट है जहां पर आप अपना पुराना सामान बेच या Sell कर सकते हैं और किसी दूसरे के द्वारा बेचा जा रहा पुराना सामान खरीद सकते हैं, कई बार कुछ प्रोडक्ट नए भी होते हैं।  लेकिन आज के समय में OLX का इस्तेमाल गलत तरीके से हो रहा है। अगर आपने कोई सामान OLX पर लिस्ट किया है यानी कि डाला है तो हो सकता है कोई आपको कॉल करें और बोले की मैं एक सैनिक बोल रहा हूं और मैं अपने घर से अभी दूर हूं, लेकिन मेरी बेटी का या बेटे का जन्मदिन है और मुझे उसको एक तोहफा देना है और आपने जो समान OLX  पर डाला है वह मुझे बहुत अच्छा लगा, मैं यह सामान अपने बेटे को देना चाहता हूं, लेकिन मैं यह सामान लेने नहीं आ सकता क्योंकि मैं बॉर्डर पर ड्यूटी पर हूं, तो क्या आप इस सामान को कुरियर कर देंगे, पैसे मैं आपके बैंक अकाउंट में डाल दूंगा।  ऐसे ही कई प्रकार के बहाने या झूठ बोलकर आप से हो सकता है वह समाज मंगा लिया जाए और आप इमोशनल या भावनाओं में आकर वह सामान भेज दे, लेकिन हो सकता है आपको पैसा आपके बैंक अकाउंट में ना आए।  इसके अलावा इसका उल्टा भी हो सकता है कोई सामान की फोटो OLX पर डालकर उसकी कीमत बहुत कम रख देगा और आप सोचेंगे कि यह तो बहुत सस्ता मिल रहा है और हो सकता है आप उसको कांटेक्ट करें और वह आप से बोलेगा कि मैं बाहर रहता हूं लेकिन मैं आपको यह सामान कोरियर के माध्यम से भेज देता हूं आप मुझे पैसे भेज दीजिए और वह आपको कुरियर की एक झूठी रसीद भी दिखा देगा, तो आप सोचेंगे कि इसने तो रसीद दिखा दी इसका मतलब इतने सामान भेज दिया है तो आप उसको पैसे ट्रांसफर कर देंगे, लेकिन वह सामान नहीं आएगा क्योंकि समान उसने भेजा ही नहीं था वह कुरियर की रसीद तो नकली थी।  ऐसे ही बहुत सारे केस या घटनाएं OLX पर होती रहती हैं जिसकी शिकायत पुलिस को मिलती रहती है, कुछ लोग पकड़े जाते हैं और कुछ लोग को पुलिस नहीं पकड़ पाती। तो में आपसे बस इतना ही कहना चाहता हूं कि अगर आप OLX का इस्तेमाल करते हैं तो सावधान रहिए और अगर आप सामान खरीदते हैं तो आप खुद उसके घर जाइए यानी कि जो सामान बेच रहा है आप उसके पास स्वयं जाइए या किसी को भेज दीजिए। अगर आप ऐसा करते हैं तो इससे आपके साथ धोखा धड़ी होने के चांस बहुत कम हो जाएंगे और आप सुरक्षित रहेंगे।

OLX Fraud picture
OLX Fraud picture


जब भी आप इंटरनेट पर किसी वेबसाइट को विजिट करते हैं, तो ध्यान रखें कि वह वेबसाइट https  वाली हो, इसका मतलब होता है Hyper Text Transfer Protocol Secure, इसका मतलब कि यह वेबसाइट काफी हद तक सुरक्षित है अगर वेबसाइट में https या Green Lock  का निशान नहीं है तो उस वेबसाइट में आप अपनी कोई भी जानकारी है इंटर ना करें। ( Smartphone इस्तेमाल करने से पहले यह 10 बातें जान लो, वरना पछताओगे। )

सभी अकाउंट पर एक जैसा Username या Password क्यों नहीं रखना चाइये?

हम सभी के पास कई सारे अकाउंट होते हैं,  जैसे कि फेसबुक, टि्वटर, जीमेल, इंस्टाग्राम और भी बहुत सारे। हम जानते हैं, की इन सभी सोशल मीडिया को चलाने के लिए हमें  इन सभी में अकाउंट या साइन अप करना पड़ता है और जब हम इन सोशल नेटवर्किंग साइट पर अकाउंट बनाते हैं तो हमें एक यूजरनेम और पासवर्ड चुनना होता है और यहीं पर लोग गलती कर देते हैं, क्योंकि लोग सभी जगह एक जैसा पासवर्ड रख देते हैं। उसका कारण होता है कि लोग सोचते हैं की एक जैसा पासवर्ड उनको भूलेगा नहीं, लेकिन उनको यह नहीं पता कि अगर एक अकाउंट हैक होगा, यानी कि अगर किसी को आपके एक अकाउंट का भी पासवर्ड पता चल गया, तो वह बाकी सब को एक्सेस कर सकता है क्योंकि आपने सभी जगह सेम पासवर्ड रखा था। इसीलिए हमेशा अलग-अलग वेबसाइट पर या अलग-अलग अकाउंट के लिए अलग-अलग पासवर्ड चुने। हां मैं इस बात को मानता हूं कि याद रखने में थोड़ी सी दिक्कत होगी, लेकिन यह सुरक्षित रहेगा और खास तौर पर इंटरनेट बैंकिंग के लिए।  एक और बात याद रखिए कि पासवर्ड हमेशा ऐसा हो जिसमें नंबर, अल्फाबेट्स और स्पेशल कैरेक्टर तीनों शामिल हो और पासवर्ड को हमेशा 8 डिजिट से बड़ा ही रखें। इसके अलावा पासवर्ड ऐसा रखें, जोकि कोई अंदाजा भी ना लगा पाए, यानी कि एक ऐसा पासवर्ड चुने जो कि दूसरों के लिए अंदाजा लगाना मुश्किल हो। कभी भी ऐसे पासवर्ड बिल्कुल ना रखे, जिनमें डेट ऑफ बर्थ, मोबाइल नंबर, गाड़ी का नंबर, गर्लफ्रेंड का नाम या कोई पॉपुलर वर्ड जैसी कोई भी चीजों को अपने पासवर्ड में ना डालें क्योंकि ऐसे पासवर्ड को हैक करना या ऐसे पासवर्ड का अंदाजा लगाना बहुत ही आसान होता है और इनके हैक होने का चांस ज्यादा रहता है। मैं उम्मीद करता हूं आपको समझ में आ गया होगा, कि हमेशा अलग-अलग अकाउंट के लिए अलग-अलग पासवर्ड ही चुने, एक पासवर्ड को सभी अकाउंट में कभी भी ना करें इसके अलावा पासवर्ड हमेशा डिफिकल्ट या कठिन हो। ( Smartphone इस्तेमाल करने से पहले यह 10 बातें जान लो, वरना पछताओगे। )

picture of hacker that taking info about your bank password
picture of hacker that taking info about your bank password

Free WiFi या Public WiFi का इस्तमाल क्यों नहीं करना चाइये?

आज के समय में फ्री वाईफाई आपको हर जगह मिल जाएगा, लेकिन क्या फ्री वाई-फाई यूज करना या इस्तेमाल करना सुरक्षित है? इसका उत्तर है बिल्कुल भी नहीं, फ्री वाईफाई या पब्लिक वाईफाई बिल्कुल भी सुरक्षित नहीं है और इसको हमें कभी भी इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।  इसका कारण यह है कि जब भी आप किसी पब्लिक वाई फाई से कनेक्ट होते हैं, तो उस समय उस वाईफाई से कई सारे लोग कनेक्ट होते हैं या जुड़े होते हैं और उनमें से कोई हैकर भी हो सकता है यानी कि हो सकता है कोई हैकर उस वाईफाई से कनेक्ट हो और आपकी सारी डिटेल्स या आपका सारा डाटा कॉपी कर ले या फिर आप उस टाइम पर उस वाईफाई का यूज करके क्या कर रहे हैं, वह सारी डिटेल भी उसके पास जा सकती है उस हैकर के पास या फिर उस वाईफाई के मालिक के पास वह सारी डिटेल जा सकती है कि आप उस वाईफाई का यूज करके क्या क्या कर रहे हैं।  यह जानने के बाद क्या अभी भी आप पब्लिक वाईफाई को या फ्री वाईफाई को सुरक्षित समझते हैं? मुझे नहीं लगता कोई भी इंसान इस जानकारी को जानने के बाद पब्लिक वाईफाई को या फ्री के वाईफाई को यूज करेगा। इसीलिए आज के बाद फ्री वाईफाई या पब्लिक वाईफाई का इस्तेमाल बिल्कुल भी ना करें और अगर कभी मजबूरी होती है और मजबूरी में इस्तेमाल करना पड़ता है तो आप कभी भी इंटरनेट बैंकिंग मोबाइल बैंकिंग या फिर बैंकिंग से रिलेटेड कोई भी काम ना करें या कोई भी ऐसी सोशल मीडिया को अकाउंट को ओपन ना करें, और ना ही जीमेल अकाउंट को ओपन करें जब भी आप फ्री के वाईफाई से कनेक्ट हो।  वैसे तो कोशिश करिए कि आप कभी भी ऐसे वाईफाई का यूज ना ही करें तो ही बेहतर होगा।

picture showing that you should never use free wifi
picture showing that you should never use free wifi

इसके अलावा हो सके तो किसी भी अनजान वाईफाई का इस्तेमाल नहीं करें क्योंकि क्या पता वह वाईफाई किसका है? क्या सच में वह एक गवर्नमेंट का वाईफाई है या प्राइवेट कंपनी का वाईफाई है या फिर किसी हैकर ने अपने मोबाइल का हॉटस्पॉट ऑन करके उसका वहीं नाम रख दिया है? क्यों डर लग रहा है ना

इसीलिए हमेशा ध्यान रखें कि आप अपने मोबाइल डाटा को या पर्सनल होम वाईफाई को ही इस्तेमाल करें अपने कामों के लिए, वरना कुछ पैसे और कुछ GB डाटा बचाने के चक्कर में आप लाखों की चीज है खो देंगे।  उसके बाद पछताने के अलावा और कोई रास्ता नहीं होगा इसीलिए पहले ही सावधान रहें किसी भी पब्लिक या फ्री के वाईफाई को कभी भी इस्तेमाल ना करें या किसी भी अनजान वाईफाई को कभी भी इस्तेमाल ना करें यही आपके लिए सुरक्षित रहेगा।

18+ content को देखने से पहले क्या करे?

आज के समय में लगभग हर वह इंसान जो 14 साल से ऊपर की उम्र का है वह 18+ वाले कंटेंट को देखता है।  यहां पर मैं किस कंटेंट की बात कर रहा हूं यह तो आप समझ गए होंगे। वैसे तो इंडिया में गवर्नमेंट ने काफी सारी 18+ वाली वेबसाइट्स को बैन कर दिया है, लेकिन फिर भी कुछ वेबसाइट ऐसी हैं जो कि अभी भी इंडिया में ओपन होती है और उनमें 18+ Content होता है।  वैसे मैं इसको देखने या ना देखने के बारे में कुछ नहीं बोल रहा हूं, लेकिन 18+ Content वाली जो वेबसाइट होती हैं, वह सुरक्षित नहीं होती इसीलिए हमको इन्हें नॉर्मल तरीके से नहीं देखना चाहिए, मेरे कहने का मतलब है कि इनको नॉरमल क्रोम ब्राउजर में ओपन करके नहीं देखना चाहिए, क्योंकि इससे हमारी IP (आईपी) पब्लिक रहती है और 18+ Content वाली वेबसाइट हमारी IP को स्टोर कर लेते हैं जिससे आने वाले समय में वह हमारे मोबाइल पर अटैक कर सकते हैं या कोई वायरस या Malware छोड़ सकती है। कुछ लोग क्रोम में Incognito mode या private mode का भी इस्तेमाल करते हैं, ऐसे कंटेंट को देखने के लिए, लेकिन Incognito mode से कोई फर्क नहीं पड़ता, क्योंकि Incognito mode को ऑन करने के बाद भी हमारी IP पब्लिक रहती है, बस अंतर सिर्फ इतना होता है की हिस्ट्री हमारे क्रोम ब्राउजर में सेव नहीं होती। इसीलिए आगे से जब भी 18+ Content को देखें तो इनकॉग्निटो मॉड के साथ साथ VPN का भी इस्तेमाल करें, VPN आपको गूगल प्ले-स्टोर पर मिल जाएंगे, तो आप गूगल प्ले स्टोर से कोई भी फ्री VPN  को डाउनलोड कर सकते हैं, इसके बाद अगर आप 18+ Content देखते हैं तो आप काफी हद तक सुरक्षित हो जाएंगे और VPN का एक और फायदा है कि आप इंडिया में बैन हुई कोई भी वेबसाइट को ओपन कर पाएंगे, यानी की जितनी भी वेबसाइट की आईपी इंडिया में बैन है वह इंडिया में ओपन नहीं होती, लेकिन अगर आप VPN का इस्तेमाल करेंगे तो आप उन वेबसाइट को भी ओपन कर पाएंगे और VPN का इस्तेमाल करने से आपकी सुरक्षा भी बढ़ती है। क्योंकि VPN से आपकी IP पब्लिक नहीं रहती और आप को ट्रैक कर पाना या आपके फोन पर कोई भी अटैक कर पाना इतना आसान नहीं होता VPN का इस्तेमाल करने के बाद।

इसीलिए अगली बार जब भी आप कोई ऐसी वेबसाइट पर जाते हैं तो अपनी सुरक्षा का भी ध्यान रखें क्योंकि ऐसी वेबसाइट सुरक्षित नहीं होती, इसीलिए VPN का इस्तेमाल करें ताकि आपकी IP पब्लिक ना हो।

2FA ( 2 factor authentication ) या 2 step verification को यूज़ करना क्यों जरुरी है?

अगर हम पासवर्ड से जुड़ी सारी जरूरी बातों को ध्यान रखते हैं और कठिन पासवर्ड रखते हैं अपने अकाउंट के लिए, तो क्या हमारे अकाउंट सेफ है?  तो इसका जवाब है कि पूरी तरीके से सेफ नहीं है क्योंकि अभी भी कुछ चांस हैं आपके अकाउंट को हैक होने के, हो सकता है कोई हैकर आपके पासवर्ड को Crack कर ले और यह बात तो आपको भी पता होगी, कि अगर किसी को आप का पासवर्ड पता चल गया, तो वह है आपके अकाउंट के साथ कुछ भी कर सकता है इसीलिए हमें 2FA ( 2 factor authentication ) या 2 step verification को इस्तेमाल करना चाहिए 2 step verification ऐसी प्रोसेस है जो कि पासवर्ड डालने के बाद की जाती है, इसका मतलब है कि जब भी आप अपने अकाउंट में लॉग-इन करने के लिए यूजर नेम और पासवर्ड डालेंगे, तो उसके बाद आपसे यह एक OTP  पूछेगा, जो कि आपके फोन में आएगा और OTP को तोड़ पाना लगभग नामुमकिन के बराबर है, तो आप हमेशा अपने सभी अकाउंट में 2 step verification को ऑन कर दीजिए, फिर चाहे वह आपका जीमेल अकाउंट हो या फेसबुक या इंस्टाग्राम या ट्विटर इन सभी बड़ी वेबसाइट्स में आपको 2 step verification का ऑप्शन मिल जाता है और भी जितनी बड़ी या पॉपुलर वेबसाइट है उन सभी में आपको 2 step verification ऑप्शन मिल जाएगा, इसलिए हमेशा याद रखें कि आप अपने अकाउंट में 2FA ( 2 factor authentication ) या 2 step verification हमेशा ऑन करके रखें।

Email अकाउंट को secure रखना क्यों जरुरी है?

आज के समय में लगभग हर किसी के पास एक जीमेल अकाउंट या ईमेल अकाउंट जरूर होता है, लेकिन दिक्कत यह है कि लोग ईमेल अकाउंट को सीरियस बिल्कुल भी नहीं लेते।  जबकि ऐसा बिल्कुल नहीं करना चाहिए, क्योंकि हमारे ईमेल अकाउंट से काफी सारी सर्विसेज या अकाउंट लिंक होते हैं, जैसे कि हमारा बैंक अकाउंट या फिर हमारे सोशल मीडिया अकाउंट, सभी के सभी ज्यादातर कैसेस में हमारे ईमेल अकाउंट से लिंक होते हैं, तो अगर  आपका ईमेल अकाउंट हैक हो जाता है या फिर आपके ईमेल अकाउंट का किसी को पासवर्ड पता चल जाता है, तो वह आपके ईमेल अकाउंट के मदद से आप के सारे अकाउंट को भी हैक कर सकता है, तो ईमेल अकाउंट को बिल्कुल भी नजरअंदाज ना करें। हमेशा अपने ईमेल अकाउंट में 2 step verification का इस्तेमाल करें ताकि अगर किसी को आप का पासवर्ड पता चल जाता है फिर भी वह आपके अकाउंट को बिना OTP के एक्सेस ना कर पाए। इसके अलावा अपनी ईमेल अकाउंट में हमेशा रिकवरी ऑप्शन का यूज़ करें, रिकवरी ऑप्शन एक ऐसा ऑप्शन होता है, जिसमें आप अपने रिकवरी फोन नंबर और ईमेल आईडी को डाल सकते हैं, यानी कि अगर आपका अकाउंट कभी भी हैक जाता है या आप अपने अकाउंट का पासवर्ड भूल जाते हैं, तो रिकवरी ऑप्शन की मदद से आप अपने अकाउंट को वापिस से एक्सेस कर सकते हैं या  पासवर्ड भूलने पर नया पासवर्ड रख सकते है, लेकिन अगर आपने रिकवरी ऑप्शन को ऑन नहीं किया होगा, तो आप अपना अकाउंट हमेशा के लिए खो सकते हैं इसीलिए हमेशा रिकवरी ऑप्शन को यूज जरूर करें अपने ईमेल अकाउंट के अंदर, जिससे कि कभी हैक होने पर या पासवर्ड भूलने पर आप अपने अकाउंट को दोबारा वापस पा सके।

Fake न्यूज़ को या गलत खबर शेयर को करने से कैसे बचे और क्यों?

आज के समय में ज्यादातर लोग व्हाट्सएप को और फेसबुक को इस्तेमाल तो करते हैं, लेकिन यह नहीं जानते कि क्या चीज शेयर करनी है और क्या नहीं, जिसकी वजह से बहुत सारी समस्याएं और बहुत सारी गलत-फहमी लोगों के मन में पैदा हो जाती है।  व्हाट्सएप पर फेक न्यूज़ को या गलत खबर और जानकारी को फैलाना सबसे ज्यादा होता है, खैर अब इस पर थोड़ा कंट्रोल हो रहा है, क्योंकि व्हाट्सएप में इसके लिए बहुत सारे कदम उठाए हैं जैसे कि एक बार में 5 से ज्यादा लोगों को कोई भी मैसेज फॉरवर्ड नहीं कर सकते, जिससे फेक न्यूज़ फैलाने वाले लोग, थोड़ा कंट्रोल में रहते हैं क्योंकि उनको कोई भी खबर फैलाने के लिए और भी ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है, व्हाट्सएप ने एक और कदम उठाया था कि जब भी कोई मैसेज किसी के पास जाएगा, तो उसके ऊपर Forward का निशान होगा, जिससे कि सामने वाले को पता चल सकेगा कि यह मैसेज फॉरवर्ड किया गया है और वह थोड़ा सतर्क हो जाएगा। वैसे फेक न्यूज़ के लिए व्हाट्सएप में बहुत सारे मुहिम चलाई थी और बहुत सारा प्रचार भी किया था, कि फेक न्यूज़ को बिल्कुल भी ना फैलाएं, फेक न्यूज़ से किसी की जान तक भी जा सकती है।  इसीलिए आपके पास कोई भी मैसेज या खबर आती है फिर चाहे वह व्हाट्सएप पर आए या फेसबुक पर आप उसकी पहले जांच करिए, देखिए क्या यह खबर सच में सही है या नहीं, अगर आपको लगता है कि यह खबर सही है और इसको दूसरों को भी बताना चाहिए, तो आप इसको शेयर कर सकते हैं वरना इसको शेयर ना करें और जिसने आपको वह मैसेज भेजा है उसको भी बोलिए कि ऐसे मैसेज शेयर बिल्कुल भी मत किया करो। फेक न्यूज़ फैलाना या गलत जानकारी फैलाना, इसका सबसे ज्यादा इस्तेमाल हमारे देश में राजनीति के लिए किया जाता है। आज के समय में हर एक पॉलिटिकल पार्टी ने अपनी-अपनी आईटी टीम बना ली है और वह आईटी टीम उस पार्टी को अच्छा दिखाने के लिए झूठी खबरें फैलाती रहती है और लोगों के मन में गलत जानकारी पहुँचाती है ताकि लोग उनकी पार्टी को वोट करें। लेकिन आप समझदार बने कोई भी मैसेज फोटो या वीडियो आने पर उसकी जांच करें और दो पल के लिए सोचें, की क्या यह सच है, कहीं यह मैसेज या फोटो वीडियो गुमराह करने के लिए तो नहीं भेजा गया?

picture of fake news
picture of fake news

मुझे उम्मीद है कि आप सभी समझदार हैं और आगे से किसी भी मैसेज फोटो या वीडियो के आने पर आप उसको आंख बंद करके फॉरवर्ड नहीं करेंगे, पहले उसकी जांच-पड़ताल करेंगे।

अनजान links को कभी भी open ना करें।

आज के टाइम पर व्हाट्सएप पर कई प्रकार की लिंक शेयर होती है, लिंक शेयर करना फेस्टिवल या त्यौहार के समय सबसे ज्यादा होता है, क्योंकि लोगों को विश करने के लिए या शुभकामनाएं भेजने के लिए कुछ नया तरीका चाहिए होता है, सभी लोग सोचते हैं कि वह लोगों को कुछ अनोखे तरीके से शुभकामनाएं भेजें। इसकी वजह से लोग कई प्रकार के लिंक को शेयर करते हैं जैसे ही आप उस लिंक पर क्लिक करते हैं, तो एक ब्राउज़र में एक पेज खुलता है, जिसमें उसका नाम और कुछ शुभकामनाएं होती हैं उस त्योहार से संबंधित, उदाहरण के लिए मैंने नीचे एक फोटो लगाई हुई है उसको देखकर आप समझ सकते हैं कि वह किस प्रकार के लिंक होते हैं।  लेकिन मैं आपको बता देना चाहता हूं कि यह सभी लिंक बिल्कुल भी सुरक्षित नहीं होते, क्योंकि जब भी आप लिंक को क्लिक करते हैं तो आप से आपकी जानकारी मांगी जाती है आपका नाम, मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी और उसके बाद बोला जाता है कि आप 5 से 10 लोगों को शेयर करिए।

एक और प्रकार की लिंक बहुत ज्यादा शेयर होती हैं जिसमें होता है कि आप को अगर 10GB डाटा चाहिए फ्री में तो इस लिंक पर क्लिक करें, अगर आप प्रधानमंत्री योजना के तहत लैपटॉप चाहते हैं फ्री में तो इस लिंक को क्लिक करें, जिओ फ्री में लैपटॉप बांट रहा है इस लिंक पर क्लिक करें, प्रधानमंत्री की नई योजना घर बैठे कमाए।  ऐसी बहुत सारी चीजें व्हाट्सएप पर शेयर होती है और उनके साथ एक लिंक होता है जिस में जाकर आपको अपनी जानकारी भरनी होती है और उस लिंक को भी कई लोगों को शेयर करने को बोला जाता है उसमें लिखा होता है अगर आप शेयर नहीं करेंगे, तो आप का रजिस्ट्रेशन नहीं होगा।

मैं आपसे निवेदन करता हूं कि आप ऐसी किसी भी लिंक पर क्लिक बिल्कुल भी ना करें, क्योंकि यह बिलकुल भी सुरक्षित या फिर सेफ नहीं होती, यह किसी के द्वारा बनाई गई स्मॉल वेबसाइट होती हैं, जिनका उद्देश्य सिर्फ और सिर्फ आपकी जानकारी कलेक्ट करना होता है यानी कि उद्देस होता है, कई सारे मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी को कलेक्ट या इखट्टा करना, इसके अलावा इनकी वेबसाइट की हेल्प से मोबाइल में मालवेयर या वायरस भी भेजे जाते हैं जो कि आपको पता ही होगा बिल्कुल भी सुरक्षित नहीं होते।

इसीलिए अब से ऐसे किसी भी लिंक पर क्लिक ना करें और बिल्कुल भी ऐसे लोगों पर भरोसा ना करें, क्योंकि आपको भी पता होगा की आज के समय में कोई भी चीज फ्री में नहीं मिलती, इसके पीछे कोई ना कोई उद्देश्य होता है और खास तौर पर लैपटॉप या प्रधानमंत्री योजनाएं जैसी फालतू बातों में बिल्कुल भी विश्वास ना करें क्योंकि इन पर विश्वास करना सरासर बेवकूफी वाला काम होगा। इसलिए अब से ना तो इन लिंक पर क्लिक करें और ना ही इस लिंक को किसी को शेयर करें या ऐसे मैसेज को भी किसी को शेयर बिल्कुल भी ना करें, इससे आप की जानकारी तो चोरी हो ही रही है इसके साथ साथ आपके मोबाइल में रखी सारी इंफॉर्मेशन भी चुराई जा सकती है।  मुझे उम्मीद है कि आप आगे से इन सभी चीजों का ध्यान रखेंगे और सावधान रहेंगे व्हाट्सएप में आए सभी मैसेज और लिंग को लेकर। इसके अलावा फेसबुक में भी कई प्रकार की लिंक शेयर होती है जैसे कि अपनी उम्र जानने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें, आपकी शादी किससे होगी, आपकी गर्लफ्रेंड आपसे कितना प्यार करती है, आप की मृत्यु कब होगी और आप 70 साल बाद कैसे देखेंगे।  ऐसे ही बहुत सारी पोस्ट आप फेसबुक में देखते होंगे और हो सकता है  कि आप भी यह सब चीजें जानना चाहते हो, इसीलिए आप भी इन सभी लिंक को ओपन कर देते होंगे, लेकिन जब भी आप ऐसी फेसबुक की लिंक को ओपन करते हैं, तो वह उस वेबसाइट पर रीडायरेक्ट कर देता है या एप्लीकेशन पर रीडायरेक्ट कर देता है और वह आपसे आपकी फेसबुक की परमिशन मांगती है यानी कि आपसे कहा जाता है कि अगर आप यह जानकारी जानना चाहते हैं, तो आप एलाऊ बटन पर क्लिक करिए यानी कि आपके फेसबुक अकाउंट को एक्सेस करने की परमिशन मांग रहे हैं और आपको पता भी नहीं होता, इसीलिए फेसबुक में किसी पोस्ट को भी कभी भी ओपन ना करें, क्योंकि वह आपसे आपकी फेसबुक अकाउंट की परमिशन मांग रहे हैं और आपकी फेसबुक अकाउंट की इंफॉर्मेशन के आधार पर ही, आपको वह चीजें दिखा देता है, जिसको हम टेक्नोलॉजी की भाषा में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस बोलते हैं।  आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की हेल्प से फेसबुक अकाउंट की सारी जानकारी निकाल कर आपको, आपकी ही चीजें दिखा देता है और आपको लगता है कि वह क्या कमाल की वेबसाइट है, लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं है क्योंकि उन्हें आपके बारे में कुछ नहीं पता होता, वह सिर्फ आपकी फेसबुक अकाउंट की इंफॉर्मेशन के आधार पर, आप की नयी इंफॉर्मेशन क्रिएट करते हैं जो आप देखना चाहते हैं अगर आप अपने 70 साल बाद की फोटो देखना चाहते हैं तो वह आपकी ही फोटो को मॉडिफाई कर कर, उस फोटो को ओल्ड मैन के रूप में, आपको दिखा देगा।

मैं उम्मीद करता हूं आपको फेसबुक और व्हाट्सएप में शेयर हो रहे, लिंक के बारे में या पोस्ट के बारे में कुछ जानकारी मिल गई होगी और आगे से आप ऐसी किसी भी लिंक पर क्लिक नहीं करेंगे और सावधान रहेंगे। मुझे उम्मीद है की हमारा आर्टिकल Smartphone इस्तेमाल करने से पहले यह 10 बातें जान लो, वरना पछताओगे, को पड़ने में आपको कोई दिक्कत नहीं हो रहो होगी।

रात को सोने से पहले स्मार्टफोन क्यों नहीं चलना चाइये?

सोने के समय से लगभग 1 घंटे पहले स्मार्ट फोन और लैपटॉप को इस्तेमाल करना बंद कर दें, क्योंकि स्मार्ट फोन और लैपटॉप की स्क्रीन से ब्लू लाइट निकलती है और आपकी जानकारी के लिए मैं बता दूं, कि हमारा शरीर अलग-अलग प्रकार की लाइट में अलग अलग तरह से रिस्पांस करता है और जब भी  हमारे शरीर पर ब्लू लाइट पड़ती है, तो हमारा दिमाग सोचता है कि अभी दिन का समय है यानी कि अभी जागने का समय है, जिसकी वजह से वह आपके शरीर को नींद वाली अवस्था में नहीं आने देता। मैंने बहुत लोगों को देखा है कि जब भी सोने जाते हैं तो फोन इस्तेमाल करना शुरू कर देते हैं, लोग सोचते हैं कि जब तक नींद नहीं आ रही, तब तक फोन ही चला लेते हैं, लेकिन लोगों को यह नहीं पता कि जब तक वह फोन या लैपटॉप चलाएंगे तब तक उनको नींद नहीं आएगी, क्योंकि फोन और लैपटॉप से ब्लू लाइट्स निकलती है। थोड़ी सी जानकारी आपको मैं ब्लू लाइट के बारे में देना चाहूंगा, ब्लू नाइटी ऐसी लाइट होती है जिसका कलर टेंपरेचर बहुत ज्यादा होता है लगभग 5000k तक ( blue is very short and visible wavelenght between 380 – 550nm). लेकिन जब भी आप दिन की समय फोन और लैपटॉप को इस्तेमाल करते हैं तो उससे कोई इफेक्ट नहीं होता, क्योंकि दिन में जो कलर टेंपरेचर होता है वह ब्लू लाइट के कलर टेंपरेचर  से ज्यादा या उसके बराबर होता है जिसकी वजह से आपके दिमाग को सारी चीजें नॉर्मल लगती है और उससे आपकी नींद पर कोई असर नहीं पड़ता, लेकिन अगर आप रात के समय स्मार्ट फोन या फिर लैपटॉप का इस्तेमाल करेंगे, तो आपके दिमाग पर असर पड़ेगा, आपका शरीर एक हारमोंस को जनरेट करेगा, जिसका नाम है melatonin, इस हारमोंस की वजह से हमारे दिमाग को लगता है कि अभी दिन का समय है, उम्मीद है आपको यह समझ में आ गया होगा कि हमको रात में फोन यूज नहीं करना चाहिए।  अगर हम रात में फोन यूज करेंगे तो हमारी नींद पर उसका बुरा असर पड़ेगा। अगर आप को सोने से पहले नींद नहीं आ रही है तो आप 1 घंटे पहले फोन को साइड में रख दे और बुक्स पढ़ना शुरू करें, यानी कि अगर आपको रात में नींद ना आ रही हो, तो सोने के कुछ समय पहले से आप बुक पढ़ना या कोई किताब पढ़ना शुरू कर दें, इससे आपको 2 फायदे होंगे नींद भी सही समय पर आ जाएगी और आपको किताब पढ़ने से कोई ना कोई नॉलेज भी मिल जाएगा। कोशिश करिए कोई अच्छी बुक पढ़िए है जिससे आपको अच्छा नॉलेज मिल सके।  अगर आप की मजबूरी है फोन या लैपटॉप इस्तेमाल करने की या फिर बिना मोबाइल और लैपटॉप के आपका काम नहीं होता और आप अपना समय बर्बाद नहीं कर सकते, तो आप नाइट मॉड का इस्तेमाल कर सकते हैं। नाइट मोड का इस्तेमाल करने से आपकी स्क्रीन से निकलने वाली ब्लू लाइट बहुत ही कम हो जाती है जिससे कि आपके दिमाग को गलत सिग्नल नहीं पहुंचता। नाइट मोड को और भी कई नाम से जाना जाता है, जैसे की रीडिंग मोड, ब्लू लाइट फिल्टर और भी कई सारे नाम से इस मोड को जाना जाता है। नाइट मोड या रीडिंग मोड आपको लगभग सभी फोन में मिल जाएगा, अगर आपके फोन में यह ऑप्शन नहीं है तो आप गूगल प्ले स्टोर से कोई भी ब्लू लाइट फिल्टर वाली App डाउनलोड कर सकते हैं, एक अच्छी एप का लिंक मैंने दिया है इसको भी आप डाउनलोड कर सकते हैं।

Click here for download the Blue Light Filter Night Mode, Night Shif App – https://play.google.com/store/apps/details?id=com.eyefilter.nightmode.bluelightfilter&hl=en_IN

अगर आप एक आईफोन यूज करते हैं तो आपके फोन में नाइट शिफ्ट नाम से यह ऑप्शन पहले से मिल जाएगा, इसके लिए आपको कोई App डाउनलोड करने की जरूरत नहीं होगी, आप सेटिंग में जाकर नाइट शिफ्ट को ऑन कर सकते हैं सोने से पहले ताकि फोन से ब्लू लाइट कम से कम निकले।

अगर आप इस चीज को अभी भी सीरियस नहीं ले रहे हैं तो शायद आपको पता नहीं है, कि अगर आप काफी लंबे समय तक फोन को रात में यूज करते रहे, तो आपको कैंसर भी हो सकता है क्योंकि आपका शरीर काफी लंबे समय से  नॉरमल रूटीन में नहीं चल रहा होगा, जिसकी वजह से आपका ब्रेन काफी अलग अलग टाइप के हारमोंस को जनरेट करेगा, जो कि कुछ महीनों या सालों बाद कैंसर भी बन सकते हैं। इसलिए आज से ही फोन को रात में सोने से पहले लगभग 1 घंटे पहले से इस्तेमाल करना बंद कर दें, ताकि आपका दिमाग एक नॉर्मल तरीके से काम कर पाए और आपकी नींद में कोई भी रूकावट ना आए, क्योंकि एक स्वस्थ इंसान को पूरी नींद लेना भी बहुत ज्यादा जरूरी है।

उम्मीद करता हूं आपको मेरी बातें समझ में आ गई होंगी और आज से आप रात में लगभग 1 घंटे पहले से लैपटॉप और फोन को इस्तेमाल नहीं करेंगे और इसकी बजाय आप बुक या किताब को पड़ेंगे।

कुछ एक्स्ट्रा टिप्स सिर्फ आपके लिए।

a) मेरा अकाउंट कोई क्यों हैक करेगा? मेरा फोन हैक करके किसी को क्या मिलेगा?

किसी को भी मेरा अकाउंट हैक करके या मेरा फोन हैक करके क्या मिलेगा, मैं तो एक आम इंसान हूं। यह सिक्योरिटी या सेफ्टी सिर्फ बड़े लोगों के लिए होती है हम तो आम लोग हैं और हमारे फोन में तो कुछ ऐसा है भी नहीं, तो हमें टेंशन लेने की कोई जरूरत नहीं है।  सावधान! अगर आप भी यही सोचते हैं कि आप एक आम इंसान है और कोई हैकर आपका फोन या आपका अकाउंट क्यों हैक करेगा, उसको कुछ नहीं मिलेगा, आपके अकाउंट से, तो आप गलत सोचते हैं, क्योंकि हैकर्स सिर्फ बड़े लोगों के अकाउंट या फिर सिर्फ पॉपुलर लोगों के अकाउंट हैक नहीं करते, वह पूरी दुनिया में किसी को भी टारगेट बना सकते हैं किसी को भी मतलब किसी को भी, जिसके भी अकाउंट की सिक्योरिटी कम दिखी, वे सभी अकाउंट उनके नजर में रहते हैं और वह सभी अकाउंट को एक साथ टारगेट करते हैं यानी कि वह लोग सभी अकाउंट की जानकारी और सिक्योरिटी पैच की इंफॉर्मेशन कलेक्ट कर के रख लेते हैं और उनके एडवांस कंप्यूटर ऑटोमेटेकली आपके अकाउंट को हैक कर देते हैं और आपके अकाउंट में जितनी भी इंफॉर्मेशन है सारी चुरा लेते हैं और हो सकता है कि आपको पता भी ना चले कि आपका अकाउंट हैक हो चुका है इसके अलावा क्योंकि उनका मेन टारगेट आपके अकाउंट की इंफॉर्मेशन या फिर आपके फोन में रखी सारी इनफार्मेशन को कलेक्ट करना होता है और आपको पता भी नहीं चलेगा कि आपके फोन की इंफॉर्मेशन चुरा ले गई और उसका गलत इस्तेमाल हो रहा है। इसके अलावा हैकर्स हमेशा आम लोगों को ही टारगेट करते हैं, क्योंकि आम लोग अपनी प्राइवेसी को लेकर इतने ज्यादा सतर्क नहीं रहते, उनको अपने फोन और डेटा की इतनी चिंता नहीं रहती इसीलिए हैकर बड़ी आसानी से किसी भी आम पब्लिक का फोन हैक कर पाते हैं, क्योंकि इसमें उस इंसान की ही गलती होती है क्योंकि वह छोटी-छोटी बातों को ध्यान नहीं रखता, जिसकी वजह से उसका फोन आसानी से हैक हो सकता है और हैक होने  के बाद उसके साथ क्या होता है यह तो किसी को नहीं पता। हो सकता है उसका बैंक का पैसा चला जाए, हो सकता है कुछ भी ना हो सिर्फ उसका डाटा चोरी हो जाए, लेकिन क्या पता बहुत गलत भी हो जाए, आप को ब्लैकमेल किए जाने लगे, इसीलिए हमेशा अपनी प्राइवेसी को ध्यान रखें, अपनी फोन की सुरक्षा पर ध्यान दें और अपने अकाउंट्स की ताकि वह सेफ रहे, हैक ना हो सके। कई लोगों के मन में यह गलतफहमी है कि हैकर्स सिर्फ और सिर्फ पैसों के लिए किसी का अकाउंट हैक करते हैं लेकिन ऐसा नहीं है, क्योंकि उनका मेन टारगेट सिर्फ आपका बैंक अकाउंट नहीं होता, उनका टारगेट आपके अकाउंट में या आपके फोन में पड़ी इंफॉर्मेशन भी होती है या फिर आपके फोन में रखी फोटो और वीडियो भी उनका टारगेट है। अब हैकर इन सभी इंफॉर्मेशन का या इन सभी डाटा का, जो कि उन्होंने आप के फोन से या आपके अकाउंट से चुराया है फिर चाहे वह वीडियो या फोटो हो। इन सभी का वह कई तरीके से इस्तेमाल कर सकते हैं जैसे कि आप को ब्लैकमेल कर सकते हैं, आपके फोन के डाटा के बदले, यानी कि उन्होंने जो फोटो और वीडियो आपके फोन से चुराई थी, हो सकता है उन फोटो और वीडियो में कुछ फोटो और वीडियो प्राइवेट वाली हो, यानि की आपकी पर्सनल या प्राइवेट फोटो और वीडियो जो कि आप किसी और को नहीं दिखा सकते, तो अगर वह फोटो और वीडियो जो कि आप किसी और को नहीं दिखा सकते, वह अगर हैकर के हाथ लग गई, तो वह आपको इनके बदले में ब्लैकमेल कर सकता है, हैकर आपसे बोलेगा की इन फोटो और वीडियो के बदले में पैसे दो वरना, मैं इन फोटो और वीडियो को पब्लिक कर दूंगा और हो सकता है कि आप इसके पैसे भी दे दो, क्योंकि भाई इज्जत तो सबको प्यारी है।

इसके अलावा हो सकता है वह आपके फोन से चुराई गई जानकारी को बेच दे और आपको पता भी ना चले, जी हां हैकर ऐसा करते हैं कि आपकी फोन में या आपके अकाउंट में जो भी जानकारी मिलती है वह सारी वह चुरा लेते हैं और उसको वह किसी कंपनी को भेज देते हैं।

बड़ी कंपनियों के लिए पब्लिक की इंफॉर्मेशन या पब्लिक की जानकारी बहुत ज्यादा महत्वपूर्ण होती है और कंपनियां इसका कई तरीके से इस्तेमाल करते हैं।  पहला तरीका तो यह कि वह कोई प्रोडक्ट व सर्विस बनाने के लिए आपके डेटा का इस्तेमाल कर सकते हैं ताकि वह सर्विस और भी ज्यादा यूजर फ्रेंडली हो, पब्लिक के माइंड को समझने के लिए कंपनियों को डाटा की आवश्यकता होती है वो भी पर्सनल डाटा। कंपनियां आपके पर्सनल डाटा को कोई App या कोई भी ऐसी सर्विस बनाने में इस्तेमाल कर सकते हैं ताकि वह और भी ज्यादा अच्छी हो, जो कि लोगों को और भी ज्यादा पसंद आए, उनकी टाइप की हो, जैसी लोगों को पसंद है।

दूसरा तरीका यह है कि कई हैकर बहुत सारे फोन को हैक करने के बाद या बहुत सारे अकाउंट को हैक करने के बाद एक बहुत बड़ा डाटा का कलेक्शन बना लेते हैं और उसको किसी पॉलीटिकल पार्टी को भेज देते हैं, पॉलीटिकल पार्टी इसका इस्तेमाल इलेक्शन में करते हैं जनता को समझने के लिए।

और भी बहुत सारी जगह आपकी पर्सनल डाटा जो कि आप के फोन और आपके अकाउंट से चुराया गया है वह इस्तेमाल किया जा सकता है, अब यह निश्चित नहीं है कि वह अच्छे काम के लिए इस्तेमाल हो या बुरे काम के लिए।

इसीलिए ऐसा कभी मत सोचिए कि आपका अकाउंट कोई हैक नहीं करेगा। हमेशा ध्यान रखिए कि इंटरनेट पर कोई भी टारगेट बन सकता है किसी भी हैकर द्वारा ( क्यों की हैकर की नजर में सभी शिकार है, उनको हर फ़ोन में कुछ ना कुछ तो मिल ही जाता है। )  तो अपने मोबाइल की सिक्योरिटी को नजर अंदाज मत करिए और ऐसी कोई भी गलती मत करिए, जिससे कि आपका अकाउंट हैक हो सके। पहले शुरू के 10 पॉइंट में मैंने आपको यह सारी चीजें समझा दिया है कि आपको अपना अकाउंट कैसे सिक्योर या सुरक्षित रखना है, मुझे उम्मीद है कि आपको यह सभी बातें समझ में आ गई होंगी, अगर फिर भी कोई डाउट रह जाता है, तो आप नीचे कमेंट करके जरूर बताइए।

b)  किसी दूसरे के मोबाइल या लैपटॉप पर अपना अकाउंट लॉगइन ना करें।

हमेशा याद रखें कि किसी दूसरे अनजान व्यक्ति के मोबाइल या लैपटॉप पर अपना अकाउंट कभी भी लॉगइन ना करें, क्योंकि हो सकता है उसने स्क्रीन रिकॉर्डर ऑन रखा हो या फिर उसके फोन में कोई ऐसी App हो जो कि आपका यूजर नेम और पासवर्ड को सेव करके रख ले, जिससे कि आपके लॉग आउट करने के बाद भी वह आपका अकाउंट यूज कर पाएगा और आप सोचेंगे कि आपने उसके फोन से अपना अकाउंट लॉग इन – लॉग आउट कर दिया लेकिन, जबकि उसके मोबाइल में वह जानकारी सेव हो चुकी है यानि की  आपकी लॉगइन इंफॉर्मेशन सेव हो चुकी है, जिसकी वजह से वह कभी भी आपके अकाउंट को लॉगइन कर सकता है। इसीलिए सावधान रहिए किसी अनजान व्यक्ति पर भरोसा मत करिए, क्योंकि क्या पता वह आपके अकाउंट का गलत इस्तेमाल कर ले, इसीलिए हमेशा सावधान रहिए।

c) पूरे दिन में स्मार्टफोन को कितना इस्तेमाल करना चाहिए।

आज के समय में ज्यादातर लोग इस स्मार्टफोन या लैपटॉप का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन उनको यह नहीं पता कि स्मार्टफोन या लैपटॉप को कितना इस्तेमाल करना चाहिए? क्योंकि अगर आप हद से ज्यादा इस्तेमाल करेंगे, तो वह आपके स्वास्थ्य के लिए बिल्कुल भी सही नहीं होगा।  इसीलिए हर इंसान को यह पता होना बहुत जरूरी है कि उसको पूरे दिन में ज्यादा से ज्यादा कितने घंटे स्मार्टफोन का इस्तेमाल करना चाहिए।

अगर हम इस स्मार्टफोन इस्तेमाल करने वाले लोगों की प्रकार ( type ) की बात करें, तो मुख्य तौर पर दो प्रकार के लोग होते हैं जो कि स्मार्टफोन या लैपटॉप का इस्तेमाल करते हैं।  

पहले नंबर पर वह लोग आते हैं जो कि सिर्फ और सिर्फ मनोरंजन के लिए स्मार्टफोन या लैपटॉप का इस्तेमाल करते हैं यानी कि वह लोग सिर्फ और सिर्फ इंटरटेनमेंट और सोशल मीडिया को इस्तेमाल करने के लिए अपने स्मार्टफोन का इस्तेमाल करते हैं। तो इस प्रकार के लोगों को, जोकि स्मार्टफोन का इस्तेमाल एंटरटेनमेंट और सोशल मीडिया के लिए करते हैं उनको पूरे दिन में ज्यादा से ज्यादा 2 से 3 घंटे स्मार्टफोन या लैपटॉप का इस्तेमाल करना चाहिए। अब लोग सोचेंगे कि 3 घंटे तो बहुत कम है? लेकिन ऐसा नहीं है 2 से 3 घंटे भी बहुत ज्यादा है अगर आप सही तरीके से इस्तेमाल करें तो, क्योंकि हमें अपना समय फालतू के कामों में बर्बाद नहीं करना चाहिए। हमारे पास पूरे दिन में सिर्फ 24 घंटे होते हैं, तो मेरा मानना है यह ३ घंटे भी बहुत ज्यादा है इसलिए ज्यादा से जायदा 2 से 3 घंटे ही पूरे दिन में स्मार्टफोन का इस्तेमाल करें। अगर आप समझदारी से स्मार्टफोन या लैपटॉप का इस्तेमाल करेंगे तो आपको 3 घंटे भी ज्यादा लगेंगे इंटरटेनमेंट और सोशल मीडिया के लिए।  

दूसरे नंबर पर वह लोग आते हैं, जोकि अपने काम को करने के लिए स्मार्टफोन या लैपटॉप का इस्तेमाल करते हैं यानी कि ऑफिस का काम हो गया या फिर कोई पेमेंट करना हो या इंटरनेट से पढ़ाई करनी हो या फिर इंटरनेट से कुछ सीखना हो, तो यह लोग इन कामो के लिए सही इस्तेमाल करते हैं अपने स्मार्टफोन या लैपटॉप का। अब अगर आप दूसरी कैटेगरी में है यानी कि अपने स्मार्टफोन या लैपटॉप का ज्यादातर उपयोग अपने काम करने के लिए करते हैं, तो आप के लिए कोई लिमिट नहीं है, क्योंकि आप अपने समय को स्मार्ट फोन इस्तेमाल करके बर्बाद नहीं कर रहे, इसलिए आप जैसे लोगों के लिए कोई भी पाबंदी नहीं है क्योंकि आप लोग समझदार हो स्मार्टफोन या लैपटॉप का इस्तेमाल समझदारी से करते हो। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि आप बिना ब्रेक लिए या बिना रेस्ट करें स्मार्ट फोन का या लैपटॉप का इस्तेमाल करते रहे।  आप को स्मार्ट फोन या लैपटॉप इस्तेमाल करते समय बीच बीच में ब्रेक यानी कि रेस्ट लेते रहना चाहिए। मेरे कहने का मतलब है जब भी आप अपना काम स्मार्टफोन या लैपटॉप से कर रहे हो, तो आपको हर आधे घंटे में एक 5 मिनट का ब्रेक ले लेना चाहिए, ताकि आपके शरीर पर कोई बुरा असर न पड़े।

इसके अलावा अगर आप यह जानना चाहते हैं कि पूरे दिन में आपने कितनी देर अपने स्मार्टफोन को इस्तेमाल किया, तो इसके लिए बहुत सारे ऐप प्ले स्टोर पर पहले से ही उपलब्ध है। आप प्ले स्टोर में जाकर  इन एप्स को डाउनलोड कर सकते हैं। तो अगर आप चाहते हैं कि आप 3 घंटे से ज्यादा स्मार्ट फोन इस्तेमाल ना करें, तो आप SmartPhone Uses Analysis/Tracker App को प्ले-स्टोर से डाउनलोड कर सकते हैं। ऐसी एप्स की मदद से आप चेक कर सकते हैं कि आपने कितनी देर फोन की स्क्रीन  को ऑन रखा इसके अलावा आपने कितनी देर किस एप को यूज किया और आपने कितनी देर फोन में बात करी और आपने कितनी बार फोन को अनलॉक किया। ऐसे कई प्रकार के एक्टिविटी को आप इन एप्स की मदद से ट्रैक कर सकते हैं। जिससे कि आपको अपने आप पर कंट्रोल करने में मदद मिलेगी।

आपको पता होगा कि इंडिया में जब से जिओ (Jio )आया है तब से कई सारे लोग जो कि इंटरनेट का इस्तेमाल नहीं करते थे, वह भी इंटरनेट का इस्तेमाल करने लगे हैं। लेकिन कुछ लोग इंटरनेट तो चलाना सीख गए पर  उसका सही इस्तेमाल करना नहीं सीख पाए और अपना समय बर्बाद करते रहते हैं, अलग-अलग प्रकार की सोशल नेटवर्किंग साइट और यूट्यूब में एंटरटेनमेंट की वीडियो देखने के लिए।

जबकि कुछ लोग ने जिओ के आने के बाद इंटरनेट का सही इस्तेमाल किया। जैसे कि कुछ लोगों ने इंटरनेट की हेल्प से बहुत सारी नई चीजें सीखी, कुछ लोगों ने यूट्यूब पर अपना चैनल बनाया और वीडियो डालकर कई सारे पैसे कमा लिए, कई सारे स्टूडेंट्स ने जिओ के आने के बाद इंटरनेट का सही इस्तेमाल करके, इंटरनेट से पढ़ाई करी और बहुत सारी नई-नई चीजें सीखी और नए-नए टीचरों की वीडियोस देखि, जिससे कि उनको बहुत सारे फायदे हुए।  तो आप भी समझदार बने इंटरनेट का सही इस्तेमाल करें ना कि सिर्फ इंटरटेनमेंट के लिए।

ध्यान रखे – स्मार्ट फोन या लैपटॉप आपको इस्तेमाल ना कर पाए बल्कि आप स्मार्ट फोन या लैपटॉप को इस्तेमाल करो, यह सभी गैजेट्स आप के नौकर हैं आप उनके नौकर नहीं हो , इसलिए कोशिश करिए कि इनका इस्तेमाल सही और अच्छे कामों के लिए करें, ताकि आपका समय भी  बर्बाद ना हो।

स्मार्टफोन के साथ-साथ आप भी स्मार्ट बने।

मैंने इस आर्टिकल में जितनी भी बातें बताई है, उससे आपको कुछ ना कुछ सीखने को जरूर मिला होगा।  अगर आपने इस आर्टिकल से सच में कुछ सीखा है, तो कृपया करके इस आर्टिकल को शेयर जरूर करें, क्योंकि आपने तो सीख लिया लेकिन अब आपकी जिम्मेदारी है कि आप इसको दूसरों को शेयर करके उनको भी यह चीजें बताएं। आप जितना ज्यादा शेयर कर सकते हैं उतना ज्यादा शेयर करिए, ताकि इस इंटरनेट की दुनिया में ज्यादा से ज्यादा लोग सुरक्षित और समझदार हो सके जैसे कि आज के जमाने में उनका फोन समझदार हो गया है वैसे ही वह भी समझदार बन सके। तो मैं आपसे फिर से निवेदन करता हूं कि आप इसको शेयर जरूर करिए  फैमिली और फ्रेंड्स दोनों को यानी कि अपने परिवार में भी इस आर्टिकल को ज्यादा शेयर करिए और अपने दोस्तों में भी इसको ज्यादा से ज्यादा शेयर करिए ताकि यह अवेयरनेस या जागरूकता ज्यादातर लोगों तक पहुंच सके और वह भी ऐइंटरनेट की दुनिया में जागरूक और सावधान रह सके।

WhatsApp, Facebook, Instagram, twitter हर जगह इस जानकारी को फैला दीजिए।

रोज आप लोग कितनी सारी चीजें शेयर करते हैं, तो क्यों ना आज एक अच्छी इंफॉर्मेशन शेयर कर दी जाए, अगर आप शेयर कर दे, तो उससे मुझे बहुत ज्यादा खुशी होगी क्योंकि मैंने इसको बहुत ज्यादा मेहनत से और मन से लिखा है।

मैं उम्मीद करता हूं मेरे द्वारा बताई गई जानकारी आपको समझ में आ गई होगी, मैंने पूरी कोशिश करी है, कि इस को आसान से आसान भाषा में रखु, ताकि सभी लोग इसको बड़ी आसानी से समझ सके, लेकिन फिर भी अगर आपको कोई चीज समझ में नहीं आई और समझने में दिक्कत हो रही है तो मैं आपसे निवेदन करूंगा कि इस आर्टिकल को एक बार दोबारा पढ़िए, जिससे आपको सारी चीजे समझ में आ जायगी। अगर आपके दोबारा पढ़ने के बाद भी, आपके मन में कोई सवाल रहता है, तो आप मुझे नीचे कमेंट बॉक्स में लिखकर या मुझे ईमेल के द्वारा संपर्क कर कर मुझसे कोई भी सवाल आप पूछ सकते हैं, मुझे आपकी मदद करने में खुशी होगी।

आज के समय में आपका फोन तो स्मार्ट हो चुका है, लेकिन कुछ लोग अभी भी स्मार्ट नहीं हुए, तो स्मार्ट बनिए मूर्ख नहीं।, स्मार्टफोन के साथ साथ आप भी स्मार्ट बने, मूर्ख नहीं।

अगर आप इन सभी (SSmartphone इस्तेमाल करने से पहले यह 10 बातें जान लो, वरना पछताओगे।) बातों को फॉलो करेंगे तो आप काफी हद तक इंटरनेट की दुनिया में सुरक्षित रहेंगे और आपका फोन और आपका अकाउंट दोनों ही हैक नहीं हो पाएगा।

अपना कीमती समय निकालकर इस आर्टिकल को पढ़ने के लिए या फिर मेरी वीडियो देखने के लिए आपका दिल से बहुत-बहुत धन्यवाद।

Thank You

Also read other technology related Blog – https://www.piscro.com/category/technology/

This Post Has 2 Comments

  1. abhay raj

    mast jankari di hai bhai tune. yr yeh baat to mujhe pata hi nhi thi, abhi share karta hu

  2. sagar tadge

    nice information

Leave a Reply